अब और बेहतर होगा बोकारो परिसदन, स्वच्छता, सुरक्षा और स्थानीय व्यंजनों पर फोकस


समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में बोकारो परिसदन संचालन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिसदन के संचालन के लिए नई एजेंसी के चयन को लेकर निविदा प्रकाशित करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रण (आरएफपी)  के विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संपन्न हो सके। परिसदन में कार्यरत कर्मियों की संख्या को आवश्यकता अनुसार बढ़ाया जाएगा, जिससे सेवाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहे। सभी कर्मियों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड एवं आईडी कार्ड अनिवार्य किया जाएगा, जिससे अनुशासन, पहचान एवं पेशेवर कार्यसंस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, कार्यों के स्पष्ट निर्धारण एवं जवाबदेही तय करने के लिए दायित्वों का विभाजन किया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था होगी और अधिक मजबूत

परिसदन की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करते हुए 24 घंटे सुरक्षा गार्ड की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जाएगी। इससे नहीं केवल सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई भी संभव हो सकेगी। परिसदन में स्वच्छता एवं हाइजीन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए सफाई कर्मियों की 24×7 शिफ्टवार तैनाती की जाएगी, ताकि परिसर हर समय स्वच्छ एवं व्यवस्थित बना रहे। 

स्थानीय स्वाद को बढ़ावा: बोकारो थाली की विशेष पहल

परिसदन में आने वाले अतिथियों के लिए स्थानीय स्वाद को बढ़ावा देते हुए “बोकारो थाली”, “बोकारो स्पेशल वेज थाली” एवं “बोकारो स्पेशल नॉन-वेज थाली” की व्यवस्था की जाएगी। इन थालियों में स्थानीय व्यंजनों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे क्षेत्रीय पहचान को बढ़ावा मिलेगा। इनके दर का निर्धारण परिसदन संचालन समिति द्वारा किया जाएगा, ताकि गुणवत्ता एवं किफायती दर दोनों सुनिश्चित हो सकें। वहीं, संचालन करने वाली एजेंसी सुबह व अन्य समयों के लिए अलग से मेनू तैयार करेगी, जिसे समिति से अप्रुव करना होगा।

पारदर्शी प्रक्रिया से हो नई एजेंसी का चयन

परिसदन के संचालन हेतु होटल उद्योग, आवासीय भोजन व्यवस्था से जुड़े एक सक्षम एवं अनुभवी एजेंसी का चयन निविदा (टेंडर) प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। संबंधित एजेंसी का टेक्नीकल मूल्यांकन, प्रेजेंटेशन एवं फाइनेंसियल बिड के बाद चयन किया गया। साथ ही, चयनित एजेंसी के कार्यों का एक वर्ष का मूल्यांकन किया जाएगा। कार्य संतोषजनक पाए जाने पर अधिकतम एक वर्ष की अवधि का विस्तार प्रदान किया जा सकेगा। इस व्यवस्था से प्रतिस्पर्धा, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। परिसदन संचालन समिति के सदस्य प्रत्येक सप्ताह परिसदन का निरीक्षण करेंगे। बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी, नजारत उप समाहर्ता प्रभाष दत्ता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सफीक आलम, श्रम अधीक्षक रंजीत कुमार, जिला कोषागार पदाधिकारी गुलाब चंद उरांव, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, उद्योग विभाग के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।


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