बोकारो में सड़क सुरक्षा पर बड़ा फैसला, दो प्रमुख रूट पर फ्लाईओवर का प्रस्ताव


समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में सड़क सुरक्षा की वर्तमान स्थिति, दुर्घटनाओं के कारण, यातायात प्रबंधन की चुनौतियों एवं उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। जिले में बढ़ते यातायात दबाव, लगातार लगने वाले जाम एवं सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ)  को तालगड़िया मोड़ से आईटीआई मोड़ तथा उकरीद मोड़ से बीएस सिटी रेलवे स्टेशन मोड़ तक फ्लाईओवर निर्माण हेतु विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) को इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी पहलुओं, लागत आकलन एवं व्यवहार्यता रिपोर्ट समर्पित करने को कहा, ताकि भविष्य में सुगम एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

घनी आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने पर जोर

उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनता जा रहा है। इसे रोकने के लिए संबंधित विभागों को कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रमुख चौराहों एवं संवेदनशील स्थलों पर स्थायी एवं अस्थायी बैरिकेटिंग की व्यवस्था की जाए। विशेषकर उकरीद मोड़ से बीएसएसिटी स्टेशन चौक... और तालगड़िया मोड़ से आइटीआइ चौक तक...। साथ ही, आगे घनी आबादी है, धीमी गति से चलें एवं कई स्पीड ब्रेकर है... जैसे चेतावनी बोर्ड प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को पहले से सचेत किया जा सके। सड़क सुरक्षा नियमों के पालन को सख्ती से लागू करने के लिए उपायुक्त ने पुलिस एवं ट्रैफिक विभाग को निर्देश दिया कि तेज गति से वाहन चलाने, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रतिदिन अभियान चलाकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल औपचारिक न होकर निरंतर और प्रभावी होना चाहिए, जिससे आम लोगों में जागरूकता बढ़े और नियमों का पालन सुनिश्चित हो।

पेटरवार व चंदनकियारी में ट्रॉमा सेंटर संचालन की पहल

सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को गोल्डन आवर के भीतर त्वरित एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को पेटरवार एवं चंदनकियारी में ट्रॉमा सेंटर स्थापित एवं संचालित करने हेतु प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में ट्रॉमा सेंटर शुरू होने से दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी और गंभीर मामलों में जीवन बचाने की संभावना बढ़ेगी। बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अनावश्यक रूप से सड़क जाम कर आमजन को परेशान करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए नामजद प्राथमिकी दर्ज की जाए। उन्होंने इस बाबत संबंधित पदाधिकारियों को जरूरी निर्देश दिया। प्रत्येक माह सड़क जाम की कितनी घटना हुई और कितनो पर प्राथमिकी दर्ज हुई, इसकी समीक्षा की जाएगी।इसके साथ ही, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद करने वाले नागरिकों (गुड समैरिटन) को चिन्हित कर सम्मानित किया जाए, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए और अधिक से अधिक लोग मानवता के इस कार्य के लिए प्रेरित हों।

पेटरवार चौक पर जाम की समस्या खत्म करने के निर्देश

पेटरवार चौक पर अक्सर लगने वाले जाम को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने थाना प्रभारी एवं अंचलाधिकारी को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकतानुसार जुर्माना वसूला जाए। इसके अलावा, यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी एवं नियंत्रण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा कई अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा कर जरूरी दिशा - निर्देश दिया गया। मौके पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी, एसडीओ चास प्रांजल ढ़ांडा, जिला परिवहन पदाधिकारी मारूति मिंज, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार समेत प्रतिनिधिगण आदि उपस्थित थे।


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