बोकारो कोषागार से फर्जी तरीके से 4.29 करोड़ की निकासी मामले में जांच के क्रम में कई जिम्मेवार के फंसने की संभावना नजर आ रही है, क्योंकि कोषागार संहिता के अनुसार ट्रेजरी से पैसे की निकासी डीडीओ के हस्ताक्षर से होती है.इसके लिए वे ही वैयक्तिक रूप से उत्तरदायी होते हैं। ऐसे में वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में रिटायर्ड हवलदार उपेंद्र सिंह के नाम से वेतन मद में कुल 25 महीने में 63 बार में कुल 4,29,71,007 रुपए की निकासी खाता संख्या-42945898462 में की गई. जबकि यह खाता संख्या एसपी ऑफिस के एकाउंटेंट कौशल कुमार पांडेय की पत्नी अनु पांडेय का है।
क्या कहता है झारखंड कोषागार संहिता
झारखंड कोषागार संहिता के अनुसार किसी कार्यालय का प्रधान उसके द्वारा या उसकी ओर से हस्ताक्षरित किसी विपत्र पर निकासी किए गए वेतन तथा भत्तों को प्रत्येक मद के लिए वैयक्तिक रूप से उत्तरदायी होता है। यानि जिन-जिन डीडीओ के हस्ताक्षर से पैसे की निकासी होती है, उसके लिए संबंधित डीडीओ ही जिम्मेवार होते हैं जिला कोषागार पदाधिकारी गुलाब चंद्र उरांव ने कहा कि निकासी के लिए डीडीओ जिम्मेवार होते हैं। एसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि अभी भी इसकी जांच जारी है कि कोषागार से फर्जी निकासी किस प्रकार से की गई. इस मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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