भारतीय संविधान अंगीकार करने के 76 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दिल्ली पब्लिक स्कूल बोकारो में संविधान दिवस विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं समस्त कर्मियों ने भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के दूरदर्शी योगदानों को नमन किया। विद्यालय की प्राइमरी व सीनियर, दोनों ही इकाइयों में विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के साथ मिलकर संवैधानिक प्रावधानों और नियमों के अनुपालन तथा इसकी रक्षा की शपथ ली। सभी ने अपने दैनिक जीवन में संवैधानिक मूल्यों और सिद्धांतों को बनाए रखने का संकल्प लिया। प्राथमिक कक्षाओं के छात्र-छात्राओं के लिए एक विशेष सभा आयोजित की गई। इसमें विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने, भारतीय संविधान के महत्व तथा इसे तैयार करने वाली संविधान सभा की प्रक्रिया के बारे में की जानकारी दी गई। शुरुआत भारत के संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक पाठ के साथ हुई, जिसने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे मूल मूल्यों पर विशेष बल दिया।
संविधान की प्रस्तावना पर बनाई गई कलाकृति
इसके बाद संवैधानिक दायित्वों व अधिकारों की महत्ता से अवगत कराने के उद्देश्य से संबंधित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, कविता पाठ और भाषण का भी आयोजन किया गया। तदुपरांत शपथ-ग्रहण हुआ। इसके अलावा, रचनात्मक गतिविधियों में बच्चों ने संविधान की प्रस्तावना एवं मूल संवैधानिक अधिकारों को रंग-बिरंगे अक्षरों में कलाकृति बनाकर लिखा। उन्होंने संविधान-निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर बनाई तथा आकर्षक चित्रकारी करते हुए पोस्टर आदि भी तैयार किए। सीनियर विंग के विद्यार्थियों ने भी संविधान की उद्देशिका का पाठ किया।विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने 26 नवंबर, 1949 के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इसी दिन संविधान सभा ने औपचारिक रूप से संविधान को अपनाया था।
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