पेटरवार प्रखंड के मायापुर गांव में आयोजित सोहराय पर्व में उपायुक्त अजय नाथ झा एवं पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह शामिल हुए। इस अवसर पर पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ आदिवासी संस्कृति की अनुपम झलक देखने को मिली।
झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का प्रयास
मौके पर उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सोहराय पर्व सामूहिकता, भाईचारे और सामाजिक एकता का त्योहार है। उन्होंने कहा कि झारखंड की सांस्कृतिक वैभव अत्यंत समृद्ध है और इसे समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पूरे गांव और समाज को मिलकर इस पर्व को मनाने की आवश्यकता है, ताकि हमारी परंपराएं और सांस्कृतिक पहचान सुदृढ़ बनी रहे।
सोहराय गीतों और मांदर की थाप पर थिरके डीसी-एसपी
सोहराय पर्व के दौरान मांदर की थाप और पारंपरिक सोहराय गीतों पर उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने आदिवासी भाई-बहनों के साथ पारंपरिक नृत्य में सहभागिता की। इस अवसर पर पूरा माहौल उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक आनंद से सराबोर रहा।
प्रशासन की प्रतिबद्धता – संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन झारखंड की लोक संस्कृति, परंपरा और त्योहारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। सोहराय जैसे पर्व समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और बोकारो जिला सोहराय की मस्ती, गीत-संगीत और उल्लास में झूम रहा है। मौके पर मंटू यादव, रतनलाल मांझी, मुकेश कुमार महतो, मुखिया नाम किशोर मांझी,मो. फिरदौस, अमित सोरेन, आकाश टुडू एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

