जिले में दामोदर/गरगा नदी एवं अन्य जल श्रोतों के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में गुरुवार को गोपनीय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित जिला गंगा समिति की बैठक में सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित समयसीमा में अपने कार्य पूर्ण करें और दामोदर/गंगा एवं अन्य जल श्रोतों के संरक्षण के प्रयासों को तेजी से लागू करें। मौके पर नोडल पदाधिकारी शक्ति कुमार ने क्रमवार पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों उसके अनुपालन की प्रगति से सभी को अवगत कराया।
डिसेल्टिंग चेंबर का कार्य 30 अप्रैल तक करें पूरा
बैठक में निर्देश दिया गया कि चास नगर निगम प्रबंधन चिन्हित 16 स्थानों पर *डिसेल्टिंग चेंबर का कार्य 30 अप्रैल तक पूरा करें। इससे नदी में जल प्रवाह सुगम होगा और स्वच्छता सुनिश्चित होगी। बैठक में एसटीपी निर्माण और सड़क परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए। निगम 05 अप्रैल तक एसटीपी का डीपीआर तैयार करेगा, सीओ चास 15 अप्रैल तक सड़क निर्माण के लिए भूमि चिन्हित करेंगे, जबकि बीएसएल प्रबंधन 20 अप्रैल तक एसटीपी निर्माण का टेंडर अंतिम रूप देगा।
कसमार गरगा नदी उद्गम स्थल का करें निरीक्षण
जिला प्रशासन गंगा स्वच्छता पखवारे को व्यापक और भव्य रूप से मनाएगा। औद्योगिक और बाजार क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही वर्कशॉप, वाकथान और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय लोगों, उद्योगपतियों और छात्रों को गंगा संरक्षण में भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने कसमार गरगा नदी के उद्गम स्थल का निरीक्षण करने के लिए जांच कमेटी गठित की है। निरीक्षण के बाद नदी की वर्तमान स्थिति का विस्तृत प्रतिवेदन कार्यालय को प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही, दामोदर नदी के तेलमच्चो नदी किनारे घाट निर्माण व सड़क निर्माण को लेकर भी प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
हाथियों के विचरण क्षेत्र संरक्षण के लिए तैयार करें प्रस्ताव
जिले में नदी किनारे हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों की बेहतरी के लिए वन विभाग और नमामि गंगे टीम मिलकर प्रस्ताव तैयार करेंगे। इसमें हाथियों के ठहरने, पानी की उपलब्धता और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के उपाय शामिल होंगे। इससे मानव और वन्य जीव संघर्ष में कमी आएगी। बैठक में उपायुक्त अजय नाथ झा ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समय पर पूर्ण हों और गंगा संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रयास तेजी से लागू किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जनता, उद्योग और स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी इन पहलों को और प्रभावी बनाएगी।
