आगामी रामनवमी - ईद पर्व के मद्देनजर समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अजय नाथ झा एवं पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने संयुक्त रूप से की। बैठक में दोनों पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।रामनवमी को लेकर आयोजित जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में उपायुक्त अजय नाथ झा ने निर्देश दिया कि जुलूस के दौरान लगाए जाने वाले झंडों की ऊंचाई निर्धारित सीमा के भीतर ही रखी जाए, ताकि किसी प्रकार की सुरक्षा या यातायात संबंधी समस्या उत्पन्न नहीं हो। उपायुक्त ने दोनों समुदायों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ पर्व-त्योहार मनाने की अपील करते हुए कहा कि जिले की पहचान हमेशा से सामाजिक सद्भाव और एकता के लिए रही है। उन्होंने कहा कि सभी धर्म और समुदाय के लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाएं। उन्होंने सांकेतिक रूप से कहा कि जैसे ईद पर लोग एक-दूसरे के साथ सेवई बांटते हैं और रामनवमी पर लड्डू प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं, उसी तरह सभी समाज के लोग एक-दूसरे के पर्व में शामिल होकर खुशियां साझा करें। इससे समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश जाता है।
सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का दिया निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि पर्व के दौरान किसी प्रकार की असुविधा या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हो। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करें तथा विधि-व्यवस्था बनाएं रखने में प्रशासन का सहयोग करें।बैठक में सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। किसी भी प्रकार की भ्रामक या आपत्तिजनक सूचना प्रसारित होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि शांति व्यवस्था प्रभावित न हो।
जुलूस पुराने निर्धारित रूट से ही निकाले जाएंगे
बैठक में निर्णय लिया गया कि रामनवमी के अवसर पर निकलने वाले सभी जुलूस पूर्व से निर्धारित पुराने रूट से ही निकाले जाएंगे। नए रूट के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि शांति समिति की बैठकों में सभी अखाड़ा समितियों को समय का पालन करने के लिए अवश्य कहा जाए, ताकि जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। रामनवमी जुलूस - ईद के दौरान डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) को अलग से बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया। इस बैठक में संबंधित अखाड़ा समितियों एवं विभिन्न आयोजकों के साथ चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। बैठक के दौरान चास क्षेत्र में पूर्व से चली आ रही कुछ समस्याओं से संबंधित मामलों पर भी चर्चा की गई। इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया, ताकि पर्व के दौरान किसी प्रकार की स्थिति उत्पन्न नहीं हो। सभी पक्षों के साथ आपसी समन्वय एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने पर बल दिया गया तथा प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
भीड़ नियंत्रण को बैरिकेटिंग की व्यवस्था के निर्देश
चिन्हित स्थानों पर भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आवश्यक स्थानों पर बैरिकेटिंग करने का निर्देश दिया गया, ताकि जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने कहा कि रामनवमी - ईद पर्व को लेकर सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में ग्राउंड स्तर पर पूरी तैयारी सुनिश्चित करें तथा संभावित समस्याओं की पहले से पहचान कर उनका समाधान कर लें। पर्व के दौरान संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। जुलूस मार्गों एवं प्रमुख चौक-चौराहों पर दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी तथा सीसीटीवी/ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। मौके पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि बीडीओ/सीओ/थाना प्रभारी जुलूस मार्गों की समीक्षा कर बैठक आयोजित करें तथा एक फ्लेक्स बैनर के माध्यम से प्रमुख अधिकारियों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर आम नागरिक प्रशासन से संपर्क कर सकें। साथ ही, भीड़ के बीच वालेंटियरों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उन्हें अलग प्रकार की ड्रेस पहनने के निर्देश दिए।
