भीषण गर्मी का अलर्ट: जिला प्रशासन ने जारी की लू से बचाव की एडवाइजरी


जिले में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए लू (हीट वेव) से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी की है। उपायुक्त एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार श्री अजय नाथ झा ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है। सुरक्षा के लिए जारी एडवाइजरी में खा गया है कि जहाँ तक संभव हो कड़ी धूप में बाहर न निकलें। जितनी बार हो सके पानी पीयें, सफर में पानी साथ रखें। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, सिर को गमछा/टोपी से ढकें, धूप का चश्मा उपयोग करें। अधिक तापमान में कठिन कार्य करने से बचें। खाली पेट न रहें और नंगे पांव धूप में न चलें।  बाहर काम करने वाले लोग टोपी, गमछा, छाता एवं गीले कपड़े का उपयोग करें। हल्का भोजन करें, तरबूज, खीरा, नींबू, संतरा जैसे पानी वाले फल खाएं। अधिक प्रोटीन वाले भोजन (मांस, मेवे) से परहेज करें। लस्सी, छाछ, नींबू पानी, नमक-चीनी का घोल, आम का पन्ना जैसे पेय लें। बच्चों और पालतू जानवरों को पार्क किए वाहनों में अकेला न छोड़ें। जानवरों को छांव में रखें और पर्याप्त पानी दें। घर को ठंडा रखें, पर्दे/शटर का उपयोग करें, रात में खिड़कियां खुली रखें। तबीयत खराब होने या चक्कर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

लू के प्रमुख लक्षण

पसीना न आना, त्वचा का गर्म, लाल एवं शुष्क होना, सिरदर्द, थकान, चक्कर, उल्टी, बेहोशी, आंखों की पुतलियां छोटी होना।  लू लगने पर प्रभावित व्यक्ति को छांव में लिटाएं, तंग कपड़े ढीले करें। ठंडे पानी/गीले कपड़े से शरीर ठंडा करें। ओआरएस, नींबू पानी या नमक-चीनी का घोल दें। उल्टी या बेहोशी की स्थिति में कुछ भी खाने-पीने को न दें। एक घंटे में सुधार न हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इन दिशा-निर्देशों का पालन करें और भीषण गर्मी में स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखें।


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