20 गांवों के हक की लड़ाई तेज, पंचायत में शामिल नहीं किया तो होगा पैदल मार्च


बोकारो जिले के चास प्रखंड के अंतर्गत प्रभावित छह पंचायत बैधमारा, उत्तरी महुआर, दक्षिणी महुआर, महेशपुर,  कुंडौरी, पंचौरा पंचायती राज व्यवस्था मे शामिल करने के लिए गांव-गांव मे जनजागरण बैठक कि प्रक्रिया चल रहा है। इसी क्रम में शिबुटांड़ स्थित बजरंग बली मंदिर प्रांगण में डोमन राम महतो के अध्यक्षता में विस्थापितों की बैठक हुई. बैठक में 16 मार्च को विधानसभा कक्ष में मंत्री,पंचायती राज विभाग के कार्यालय कक्ष में मंत्री दीपिका सिंह पांडेय कि अध्यक्षता मे हुई थी। इस बैठक मे निरसा विधायक अरूप चटर्जी, बोकारो विधायक श्वेता सिंह, चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक, सरकार के सचिव एवं उपायुक्त बोकारो ने बिंदुवार प्रतिवेदन में कहा कि 20 गांव में  मौजा रानीपोखर के 1250 एकड़ जमीन 11 अगस्त 1978 मे रैयतो को वापस किया गया,  लेकिन 20 गांवों के भूमि को वापस नही किया गया है. ग्रामीण पूर्वजो से लेकर आज तक भौतिक कब्जा के साथ भूमि का उपयोग कर रहे है। भूतपूर्व मे 14 पंचायत और 1 ओर पंचायत का गठन किया गया लेकिन उपरोक्त 6 पंचायत को सभी प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद भी पंचायती राज व्यवस्था मे शामिल नही किया गया। 

पंचायत में शामिल नहीं करने पर राजभवन पैदल मार्च किया जाएगा 

पंचायत राज अधिनियम 2001 के धारा 13 के तहत उपरोक्त पंचायत को घोषित करने के लिए राज्य सरकार सामान्य या विशेष आदेश दे। ग्रामीणो ने एक सुर मे कहा कि अगर राज्य सरकार समय रहते अधिसूचना या गजट का आदेश नही देता है तो ग्रामीण विधानसभा या राज भवन पैदल मार्च करेगी। बैठक मे मो इस्तियाक अंसारी, चौहान महतो, विनोद राय, संतोष मूर्मू, प्रदीप कुमार, भीम रजक, अरबिंद कुमार, मोहन सोरेन, गौरी लाल महतो, गणेश चंद्र दे, झरी लाल महतो, प्रहलाद महतो, संजय कुमार मॉंझी, दिनेश सोरेन, पुनीत महतो, महेन्द्र महतो, मिथुन कुमार, सुरेन्द्र कुमार, छोटु मॉंझी, रविश्वर मॉंझी,जितेन्द्र कुमार , मंगल मॉंझी, नंदलाल मॉंझी आदि मौजूद रहे।

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