DPS बोकारो ने मनाई रूबी जुबिली, 40 वर्षों के गौरवशाली सफर का भव्य जश्न


विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं स्वयं से पहले सेवा के संकल्प को साकार करते हुए दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो ने अपने चार दशकों का सफर तय कर गुरुवार को अपनी स्थापना की माणिक्य जयंती मनाई। ऐतिहासिक उत्सव के माहौल में आयोजित इस समारोह में जहां रंगारंग प्रस्तुतियों की धूम रही, वहीं 40 वर्षों के गौरवशाली अतीत की यादें साझा की गईं और पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले सैकड़ों विद्यार्थी पुरस्कृत भी किए गए। इस अविस्मरणीय अवसर के मुख्य अतिथि उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त विजय कुमार गुप्ता (भाप्रसे) एवं सम्मानित अतिथि विद्यालय के संस्थापक प्राचार्य डॉ. एमएस. त्यागी थे। जबकि, विशिष्ट अतिथियों में अंजना गुप्ता एवं सुनीता त्यागी शामिल रहीं। मुख्य अतिथि गुप्ता ने डीपीएस बोकारो परिवार को रूबी जुबिली की शुभकामनाएं देते हुए विद्यालय के साथ अपने जुड़ाव के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि विद्यालय ने शिक्षा, अनुशासन, समर्पण, उत्कृष्टता और सामाजिक दायित्वों के चार दशक सफलतापूर्वक पूरे किए हैं, जो अपने-आप में अनुकरणीय है। 

देश के विकास में बच्चों का बहुत महत्व है

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों, उनके व्यक्तित्व-निर्माण एवं सपने साकार करने की दिशा में उन्होंने विद्यालय की भूमिका को सराहते हुए विद्यार्थियों को यहां मिलनेवाले अवसरों का लाभ लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। इसके लिए ईमानदारी और अनुशासन जरूरी है। बच्चे खुद पर विश्वास रखें तथा चुनौतियों से बिना डरे मेहनत के रास्ते अपना लक्ष्य प्राप्त करें। देश के विकास में बच्चों का बहुत महत्व है। उनके सपने, उनकी मेहनत और उनका चरित्र देश का निर्माण करेंगे। सम्मानित अतिथि विद्यालय के संस्थापक प्राचार्य डॉ. एम. एस. त्यागी ने स्कूल के स्थापना-काल से जुड़ीं अपनी यादें साझा की। साथ ही, वर्तमान प्राचार्य डॉ. एएस. गंगवार के नेतृत्व में विद्यालय की गौरवशाली उपलब्धियों एवं कीर्ति-गाथा को अपने-आप में मिसाल बताया। इसके पूर्व, अतिथियों के हरित स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुई तथा केक काटा गया। 

विद्यालय ने दी देश के लिए परिवर्तनकारी पीढ़ियां : डॉ. गंगवार 

कार्यक्रम के आरंभ में अपने स्वागत संबोधन में प्राचार्य डॉ. गंगवार ने सभी आगंतुक अतिथियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का स्वागत करते हुए चार दशकों की इस यात्रा को समर्पण और विकास का सफर बताया। उन्होंने कहा कि डीपीएस बोकारो ने 40 वर्षों में देश के लिए परिवर्तनकारी पीढ़ियां तैयार की हैं। यहां से निकले विद्यार्थी अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और अपने विद्यालय का परचम लहरा रहे हैं। राष्ट्र में बदलाव लाने वाला व्यक्तित्व तैयार करना हमारा ध्येय रहा है। उन्होंने विद्यालय की उपलब्धियों पर भी संक्षिप्त प्रकाश डाला तथा विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के योगदान को बहुमूल्य बताया।

217 मेधावी विद्यार्थी पुरस्कृत, जमुना बना ओवरऑल बेस्ट हाउस

समारोह के दौरान अतिथियों ने सीबीएसई 10वीं एवं 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं के टॉप 10 और विषयवार शत-प्रतिशत अंक लाने वाले कुल 170 विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। वहीं, सत्र 2025-26 के लिए मेधा सम्मान के तहत पढ़ाई के अलावा खेलकूद, कला-संस्कृति, अनुशासन, नैतिक मूल्यों, पर्यावरण, छायांकन सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करनेवाले 47 विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। इनमें स्टूडेंट काउंसिल के शीर्ष पदधारी भी शामिल रहे। गंगा सदन को बेस्ट हाउस (कल्चरल) का पुरस्कार मिला, जबकि जमुना सदन ने खेल और शिक्षा के साथ-साथ ओवरऑल बेस्ट हाउस का पुरस्कार अर्जित किया। अतिथियों ने डीपीएस बोकारो द्वारा समाज के अभिवंचित वर्ग के बच्चों के शिक्षार्थ संचालित दीपांश शिक्षा केन्द्र के विद्यार्थियों में विद्यालय पोशाक का वितरण भी किया। इसके अलावा विद्यालय की त्रैमासिक गृह-पत्रिका जेनिथ का विमोचन भी किया गया।

मनभावन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बच्चों ने किया मंत्रमुग्ध

समारोह के दौरान आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से विद्यार्थियों ने सभी का मन मोह लिया, जिसकी अतिथियों ने खूब सराहना की। सुरीले स्वागत गान के बाद ऑर्केस्ट्रा में बच्चों ने बांसुरी, तबला, गिटार, की-बोर्ड, ड्रम सहित विभिन्न वाद्ययंत्रों पर सुर, ताल और लयकारी का अद्भुत सामंजस्य प्रस्तुत किया। प्राइमरी विंग के छात्र-छात्राओं ने स्कूल के बर्थडे सेलिब्रेशन थीम पर ऊर्जावान नृत्य प्रस्तुत किया, तो सीनियर विंग के बच्चों ने अपराजिता नृत्य में आत्मसम्मान, स्वतंत्रता और शक्ति के जागरण का संदेश दिया। वहीं, नृत्य संगम में शास्त्रीय, अर्द्धशास्त्रीय एवं लोकगीतों का सुंदर संगम पेश कर सबकी भरपूर तालियां बटोरीं। इस क्रम में विद्यालय के चार दशकों के गौरवशाली सफर को रेखांकित करती डॉक्यूमेन्ट्री का प्रदर्शन भी आकर्षण का केन्द्र रहा।


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