चिन्मय विद्यालय बोकारो के विद्यार्थी दिल्ली एवं राजस्थान का शैक्षणिक भ्रमण कर बुधवार को वापस लौटे। विद्यालय में सभी विद्यार्थियों एवं उनके साथ शामिल मार्गदर्शक शिक्षकों का स्वागत किया गया। विद्यालय सचिव महेश त्रिपाठी, प्रभारी प्राचार्य नरमेंद्र कुमार एवं उप प्राचार्य डॉ. रोशन शर्मा ने सभी को इस शैक्षणिक भ्रमण की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी एवं कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। विद्यार्थियों को 21 से 28 अक्टूबर तक इस भ्रमण के दौरान राजस्थान की कला एवं सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का मौका मिला। इस शैक्षणिक भ्रमण की शुरुआत दिल्ली से हुई और राजस्थान के विभिन्न शहरों तक पहुंची। विद्यार्थियों ने सबसे पहले दिल्ली में आयोजित चिन्मय अमृत महोत्सव के वैश्विक सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसके बाद दिल्ली के लोटस मंदिर, इंडिया गेट, समेत अन्य ऐतिहासिक स्थानों का भ्रमण किया। इसके बाद राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर एवं पुष्कर जिले में कई ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले स्थानों पर जाकर वहां की विरासत के बारे में जाना।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए भ्रमण बहुत जरूरी
इसके माध्यम से छात्र मेहरानगढ़ और सोनार किले जैसी बेजोड़ स्थापत्य कला व इतिहास को करीब से देख रहे हैं, थार मरुस्थल की अनोखी पारिस्थितिकी, भूगोल और प्राचीन जल-संरक्षण तकनीकों को समझ रहे हैं और पुष्कर की समृद्ध लोक संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। प्रभारी प्राचार्य नरमेंद्र कुमार ने इस शैक्षणिक भ्रमण को सभी शामिल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के टूर पर विद्यार्थी भारतीय इतिहास को करीब से जानते व समझते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से दूर वास्तविक ज्ञान के माध्यम से ततथ्यों को जानने का मौका मिलता है। अंत में उन्होंने विद्यार्थियों के साथ शामिल मार्गदर्शक शिक्षकों के रूप में वरीय शारीरिक शिक्षक संजीव सिंह, निशांत कुमार, प्रांजल साइकिया, रन विजय ओझा, पायल सिंह एवं ललिता ऊरांव को शुभकामनाएं दी।
