ज्ञान-विज्ञान मेला में विद्यार्थियों ने तैयार की सतत विकास के उपायों पर आधारित प्रोजेक्ट्स


सस्टेनेबल डेवलपमेंट यानी सतत विकास आज की आधुनिक दुनिया की मांग है। इसको लेकर देश-विदेश स्तर पर कई कार्य एवं महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। विषय की गंभीरता को समझते हुए चिन्मय विद्यालय बोकारो में ज्ञान -विज्ञान मेला का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा नर्सरी से 11वीं तक के विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर आधारित स्वयं के बनाए प्रोजेक्ट के माध्यम से कार्यक्रम के केंद्रीय विषय 'बेहतर कल के लिए सतत विकास' का समर्थन किया। मेले में 400 से अधिक विद्यार्थियों ने कुल 28 स्टॉल सजाए थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चिन्मय मिशन बोकारो की आवासीय आचार्या स्वामिनी संयुक्तानंदा सरस्वती उपस्थित रही। साथ ही, विद्यालय अध्यक्ष बिस्वरूप मुखोपाध्याय, सचिव महेश त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष आरएन मलिक, प्रभारी प्राचार्य नरमेंद्र कुमार एवं उप प्राचार्य डॉ. रोशन शर्मा मौजूद रहे।

सतत विकास आधुनिक समाज में बहुत महत्वपूर्ण 

ज्ञान - विज्ञान मेला की शुरुआत मुख्य अतिथि स्वामिनी संयुक्तानंदा सरस्वती द्वारा फीता खोल कर की गई। इसके बाद संगीत विभाग के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सभागार में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर पूज्य गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती का आर्शीवाद प्राप्त कर उद्घाटन कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। अब समय था गणेश वंदना पर विशेष नृत्य प्रस्तुति की। इसके बाद प्रभारी प्राचार्य नरमेंद्र कुमार ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनकी मेहनत एवं कलात्मकता के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सतत विकास आधुनिक समाज में बहुत महत्वपूर्ण है। इस संदेश को विद्यार्थियों द्वारा समाज में कलात्मक रूप से प्रस्तुत करना बहुत अच्छा है।




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