इंडिया वर्ल्ड फाउंडेशन, नई दिल्ली की झारखंड राज्य की संयोजिका बोकारो निवासी कनक लता राय के नेतृत्व में काव्य-गोष्ठी का आयोजन सिटी पार्क स्थित डेफोडिल्स में किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप-प्रज्वलन के बाद कनक लता राय के स्वागत वक्तव्य के साथ हुआ। कनक लता राय ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि हमलोग का उद्देश्य है कि नवोदित कवि एवं कवयित्रियों को एक ऐसा परिवेश दिया जाए जिसमें वरिष्ठ और अनुभवी साहित्यकार के साथ वो अपने अंदर परिष्कार करते हुए अपनी साहित्यिक यात्रा को सुंदर और समाज के लिए उपयोगी साबित करें। मंच संचालन डॉ सत्येंद्र नारायण राय के द्वारा,सरस्वती वंदना डॉ आशा पुष्प के द्वारा किया गया।अध्यक्षता डॉ नरेंद्र कुमार राय ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ परमेश्वर भारती ने किया।
हमारा घर भी रघुकुल सा हो. ..
अंकित उपाध्याय ने "हमारा घर भी रघुकुल सा हो,जहाँ की प्रीत मन में भावे। " शीर्षक कविता का पाठ किया।सरोज पाण्डेय ने "यह नववर्ष हमें स्वीकार नहीं।" शीर्षक कविता का पाठ किया।डॉ आशा पुष्प ने "आ गया है वर्ष नूतन, एक नई शुभ भोर है।" डॉ परमेश्वर भारती ने "अमन रहे हर एक चमन में, सहज बनें इंसान।"शीर्षक कविता का पाठ किया।अनिता किरण ने"अनवरत चलता युद्ध, एक हमारे मन में एक हमारे तन में।" शीर्षक कविता का पाठ किया। डॉ एनके राय ने "भारत का इतिहास भरा है,नारी गौरव गान से।" शीर्षक कविता का पाठ किया।सुधा रानी ने "उर में रहते अद्भुत जलचर,तू वृहद रहस्य से परिपूर्ण।" सत्येंद्र नारायण राय ने "मेरी अपनी मौलिकता है,मैं औरों का नकल क्यूं करुँ।"पद्मावती कोमल ने "माँ सरस्वती विनम्रता दें।" का पाठ किया उदित पाण्डेय ने "वसंत की सुंदरता।" शीर्षक कविता का पाठ किया।कनक लता राय ने "लेखनी सहारे संदेश लिखती हूँ,जो सबको जोड़े वो प्रेम लिखती हूँ. सभी ने पूरे उत्साह के साथ काव्य-पाठ किया और पूरा वातावरण साहित्यिक हो उठा।कार्यक्रम के अंत में डॉ परमेश्वर भारती जी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
