राज्य में गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए केआइएसएस (कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज) भुवनेश्वर की तर्ज पर बोकारो में राष्ट्रीय स्तर के विद्यालय की स्थापना की जाएगी। यह विद्यालय बोकारो स्टील सिटी (बीएसएल) क्षेत्र में प्रस्तावित है। यह पहल उपायुक्त द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर की जा रही है। इस संबंध में सोमवार को बोकारो निवास सभागार में उपायुक्त अजय नाथ झा की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बीएसएल के डायरेक्टर इंचार्ज प्रिय रंजन, केआइएसएस - केआइआइटी के सलाहकार व निदेशक पुनित प्रधान, उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विद्यालय की स्थापना, भूमि उपलब्धता, आधारभूत संरचना एवं संचालन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
25-30 एकड़ भूमि चिन्हित करेगा बीएसएल
बैठक के क्रम में उपायुक्त झा ने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट और दूरदर्शी दृष्टिकोण है कि झारखंड का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब हमारे आदिवासी, ग्रामीण एवं वंचित वर्ग के बच्चों को - गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो, सुरक्षित आवासीय सुविधा मिले, कौशल आधारित प्रशिक्षण मिले और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिले। शिक्षा केवल साक्षरता नहीं, बल्कि जीवन निर्माण का सशक्त माध्यम है। बैठक में बीएसएल के डायरेक्टर इंचार्ज (डीआइ) श्री प्रिय रंजन ने कहा कि बीएसएल प्रबंधन विद्यालय स्थापना के लिए पूर्ण सहयोग करेगा। उन्होंने सहमति जताई कि बीएसएल बोकारो स्टील सिटी क्षेत्र में 25 से 30 एकड़ भूमि चिन्हित करने का कार्य करेगा। ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
केआइएसएस भुवनेश्वर की अध्ययन यात्रा होगी
विद्यालय की रूपरेखा, शैक्षणिक मॉडल एवं संचालन व्यवस्था को समझने के उद्देश्य से फरवरी माह के प्रथम सप्ताह में जिला प्रशासन एवं बीएसएल की संयुक्त टीम केआइएसएस भुवनेश्वर की अध्ययन यात्रा करेगी। इस अध्ययन यात्रा के माध्यम से वहां के सफल मॉडल को बोकारो में लागू करने की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। यह प्रस्तावित राष्ट्रीय स्तर का विद्यालय न केवल बोकारो बल्कि पूरे झारखंड के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे विशेषकर वंचित एवं आदिवासी वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास, खेल एवं समग्र विकास के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित छात्रावास भवनों का निर्माण किया जाएगा। प्रस्तावित विद्यालय की सुदृढ़ एवं आधुनिक भवनात्मक संरचना बोकारो एवं झारखंड के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान करेगी। विशेष रूप से वंचित एवं आदिवासी वर्ग के छात्रों के लिए यह परिसर शिक्षा, आवास और सर्वांगीण विकास का मजबूत आधार बनेगा।
आधुनिक शैक्षणिक भवनों का होगा निर्माण
प्रस्तावित विद्यालय परिसर में अत्याधुनिक शैक्षणिक भवनों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब, डिजिटल लर्निंग सेंटर, पुस्तकालय एवं शोध-संसाधन केंद्र शामिल होंगे। भवनों को इस प्रकार डिज़ाइन किया जाएगा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। यह विद्यालय पूर्णतः आवासीय स्वरूप का होगा। मौके पर अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी, एसडीओ चास प्रांजल ढ़ांडा, सिविल सर्जन डॉ ए बी प्रसाद, ईडी एचआर राजश्री, सीजीएम नगर प्रशासन सेवा बीएसएल कुंदन कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी जगरनाथ लोहरा, जिला शिक्षा अधीक्षक अतुल कुमार चौबे, डीपीएम जेएसएलपीएस, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह समेत अन्य उपस्थित थे।

