यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) जिसमें बैंकों में कार्यरत कर्मचारी एवं अधिकारियों के सभी यूनियनों यथा एआईबीईए, एआईबीओसी, एनसीबीई, आईएनबीईएफ, आईएनबीओसी, संगठन शामिल है, उनकी ओर से घोषित अखिल भारतीय एक दिवसीय हड़ताल में 27 जनवरी को बोकारो जिले के सभी बैंकों में पूर्णत: ताला लटका रहा। इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए कर्मचारी एवं अधिकारियों ने अपनी पूरी उपस्थिति के साथ अपने-अपने शाखाओं एवं कार्यालय के बाहर उपस्थित होकर अपने पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने के अपनी आवाज को बुलंद किया। इस हड़ताल में बोकारो में अवस्थित तीन बैंकों के प्रशासनिक कार्यालय यथा बैंक ऑफ़ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नैशनल बैंक के समक्ष अपनी मांगों को के समर्थन में भारी संख्या में सदस्यों ने उपस्थित होकर अपनी आवाज को प्रबंधन तक पहुंचाने का कार्य किया।
बैंक कर्मियों को तनाव से मिलेगी मुक्ति
यूएफबीयू के बोकारो जिला संयोजक सिद्धेश नारायण दास ने भारत सरकार को आगाह किया की शीघ्र ही बैंकों में पांच दिवसीय कार्य दिवस लागू किया जाए. जिससे कि एक ओर बहाली नहीं होने से कर्मियों की भारी कमी के कारण तनावपूर्ण स्थिति में कार्य करने को विवश कर्मियों को कुछ राहत मिल सके एवं दूसरी ओर ग्राहक सेवा में गुणात्मक सुधार हो सके। साथ ही इस विषय पर पूर्व में भी यूएफबीयू द्वारा हड़ताल की घोषणा की जाती रही है किंतु मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) के समक्ष डीएफएस के प्रतिनिधि की मौजूदगी में बैंक प्रबंधन की प्रतिनिधि संस्था आईबीए द्वारा लिखित समझौता किया गया। जिसमें पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने के लिए यूएफबीयू के प्रतिनिधि के द्वारा पांच दिवसीय बैंकिंग को लागू होने पर 40 मिनट प्रतिदिन कार्य अवधि भी बढ़ने पर सहमति प्रदान की गई। बावजूद इसके दो वर्ष बीत जाने के बाद भी लिखित आश्वासन के आलोक में कोई अग्रतर कार्यवाही नहीं की गई।
मुख्य श्रमायुक्त से वार्ता के बाद भी नहीं निकला निष्कर्ष
यूएफबीयू द्वारा जनवरी 2026 में आज के दिन 27 जनवरी को हड़ताल का नोटिस दिया गया था, जिसके आलोक में पुनः मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) के समक्ष 23 जनवरी, 2026 को डीएफएस प्रतिनिधि की उपस्थिति में उभयपक्ष में वार्ता हुई किंतु इस संबंध में आईबीए किसी ठोस नतीजे पर नहीं आई। परिणामस्वरुप विवस होकर हमें एक दिवसीय हड़ताल करना पड़ा है। इसके बावजूद भी अगर भारत सरकार एवं प्रबंधन इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेते हुए पूर्व में दिए गए लिखित आश्वासन के अनुसार पांच दिवसीय बैंकिंग को लागू नहीं करती है तो यूएफबीयू के आह्वान पर हम अंतिम दिन तक संघर्ष करेंगे। इस हड़ताल के कारण ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है लेकिन ग्राहक हमारी मजबूरी को समझेंगे। आज की हड़ताल को सफल करने के लिए श्री दास ने बोकारो के सभी कर्मचारी एवं अधिकारियों को अपनी चट्टानी एकता प्रदर्शित करने के लिए उनकी सराहना की एवं बधाई दी।
बैंक कर्मियों ने दिन भर की नारेबाजी
भारतीय स्टेट बैंक स्टाफ एसोसिएशन के 8 सर्किल के उपाध्यक्ष सह अंचल के उप महासचिव राघव कुमार सिंह ने भी हड़ताल की स्थिति पर प्रकाश डाला एवं सदस्यों की एकजुट के लिए उन्हें बधाई दी। इस अवसर पर केनरा बैंक ईम्पलाइज यूनियन, झारखंड स्टेट के अध्यक्ष राजेश ओझा ने अपने उद्बोधन से सदस्यों में जोश का संचार किया। संबोधन करने वालों एवं हड़ताल को सफल बनाने में प्रमुख रूप से भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संगठन के राजीव कुमार सिंह, दिलीप कुमार, बैंक ऑफ़ इंडिया अधिकारी संगठन के ईप्रेम सोरेन, पंजाब नैशनल बैंक के मिथिलेश कुमार, नीरज तिवारी, बैंक ऑफ़ इंडिया के प्रदीप झा राकेश मिश्रा तथा अन्य सभी बैंकों से विभाष झा, राजेश श्रीवास्तव, पंकज कुमार, सुधीर कुमार, अवधेश प्रसाद, राजकुमार प्रसाद, उर्मिला कुमारी, मनमीत कौर, अजय कुमार, इंद्रजीत चौधरी, परमहंस कुमार, जगन्नाथ दास, सुनील कुमार, अरुण कुमार, कृष्णकांत, पी के श्रीवास्तव के साथ सैकड़ो बैंककर्मी उपस्थित होकर हड़ताल को सफल किए।

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