ट्रेजरी भुगतान पर सख्ती: प्रमाणपत्र मिलने तक अप्रैल के बिल पर रोक


बोकारो में वित्तीय अनुशासन को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त अजय नाथ झा ने मंगलवार को समाहरणालय सभागार में सभी डीडीओ (ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर) के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिया कि एक पैसे की भी गलत निकासी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी डीडीओ वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के स्थापना मद से हुई राशि निकासी की जांच करें और प्रमाणपत्र दें कि झारखंड कोषागार संहिता 2016 के प्रविष्टि 20 का अनुपालन किया गया है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, अप्रैल माह के बिल भुगतान पर रोक रहेगी।

बिल प्रक्रिया में पारदर्शिता अनिवार्य


बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी डीडीओ विपत्र (बिल) के प्रत्येक पन्ने पर हस्ताक्षर सुनिश्चित करें और केवल ट्रेजरी मैसेंजर के माध्यम से ही बिल जमा होंगे। बिल खिड़की के माध्यम से जमा किए जाएंगे। कोषागार कक्ष में अनधिकृत प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। वित्तीय अनुशासन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि कर्मियों के विपत्र (बिल) अब कैटेगरी वार एवं पे ग्रेड लेवल के अनुसार तैयार किए जाएं। इसका उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना, अनुश्रवण में सहूलियत और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को न्यूनतम करना है। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग नियमों का कड़ाई से पालन करें। वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।


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