बोकारो जिले के लुगुबुरु पहाड़ की तलहटी में प्रकृति की गोद में बसे गोमिया प्रखंड के गोसे गांव में बुधवार को प्रशासनिक संवेदनशीलता और जनविश्वास की एक भावनात्मक तस्वीर देखने को मिली। गांव के बीच पेड़ की छांव तले ग्रामीणों के बीच बैठकर उपायुक्त अजय नाथ झा, पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीना, उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार समेत जिला स्तरीय सभी पदाधिकारी ने सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिया। ग्रामीणों के बीच संवाद करते हुए उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि यह सिर्फ औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि भरोसे को मजबूत करने की पहल है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आया राम - गया राम नहीं होगा… आपकी समस्याओं को सूचीबद्ध कर लिया गया है। दो-तीन दिनों में संबंधित विभागों के साथ बैठक कर समाधान की समय-सीमा तय की जाएगी।
बरगद तले डीसी ने सुनी समस्याएं
वहीं जिला मुख्यालय से करीब 85 किलोमीटर दूर, कभी घोर नक्सल प्रभाव के कारण भय और उपेक्षा की पहचान बना गोमिया प्रखंड के सियारी पंचायत अंतर्गत बिरहोर कण्डा (डुमरी) बुधवार को उम्मीद और विश्वास के नए अध्याय का साक्षी बना। लोक संवाद के तहत उपायुक्त अजय नाथ झा और पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीना जब पहाड़ पर बरगद की छांव तले पीवीजीटी बिरहोर परिवारों के बीच बैठे, तो यह सिर्फ जनता दरबार नहीं, बल्कि शासन के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की संवेदनशील पहल बन गई। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि जो क्षेत्र कभी मुख्यधारा से दूर माना जाता था, वहां अब सरकार खुद पहुंच रही है। समस्याएं सुनी गईं, अधिकारों पर चर्चा हुई और विकास का भरोसा भी मिला। बरगद तले बैठ यह संवाद मानो दूरस्थ पहाड़ियों में विश्वास का नया बीज बो गया।
आपके सहयोग से असामाजिक तत्वों को नियंत्रित किया गया है
उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सड़क, पुल, सिंचाई, जल संरक्षण, वन विभाग से जुड़े मसले, स्कूल और आंगनबाड़ी की समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल होगी। स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को सक्रिय करते हुए फलदार पौधारोपण, मधुमक्खी पालन जैसे आजीविका के नए अवसरों से ग्रामीणों को जोड़ने की बात कही। वहीं, टीवीएनएल से संबंधित लंबित मुआवजा मामलों पर भी उपायुक्त ने भू-अर्जन विभाग के साथ बैठक कर समाधान का भरोसा दिया। उपायुक्त ने ग्रामीणों से कहा कि आप सभी खुश रहने की आदत मत छोड़िए… प्रशासन आपके साथ है। मौके पर पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीना ने कहा कि आप सबों के सहयोग से क्षेत्र के असामाजिक तत्वों को नियंत्रित किया गया है और विकास कार्यों में जो विलंब हुआ, उसे दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस और अंचल प्रशासन एक टीम की तरह काम करेंगे। उन्होंने जानकारी दी कि प्रत्येक गुरुवार को थानों में थाना दिवस आयोजित होगा, जहां भूमि संबंधी मामलों के निष्पादन के लिए थाना प्रभारी एवं अंचल अधिकारी संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। आम जनता की शिकायतों को सूचीबद्ध कर संबंधित कार्यालयों तक पहुंचाया जाएगा।
जब दूरी अधिक हो, प्रशासन खुद गांव आता है : डीडीसी
मौके पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि जिला मुख्यालय में प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को "हम आपको सुनते हैं " (जनता दरबार) आयोजित होता है, लेकिन गोसे जैसे दूरस्थ गांवों की दूरी को देखते हुए प्रशासन ने गांव पहुंचकर सीधे समस्याएं सुनने की पहल की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सभी समस्याओं को दर्ज कर लिया गया है और उनके समाधान के लिए कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह आयोजन केवल समस्याएं सुनने का मंच नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच भरोसे, अपनत्व और सहभागिता की एक जीवंत मिसाल बना है। लुगुबुरु की शांत वादियों में पेड़ के नीचे बैठा यह संवाद ग्रामीणों के मन में यह विश्वास छोड़ गया कि शासन अब सिर्फ दफ्तरों में नहीं, गांव की चौपाल तक पहुंच चुका है। मौके पर अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी, अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो मुकेश मछुआ, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डा. सुमन गुप्ता, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा सुचीता किरण, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
