सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, आपदा प्रबंधन, जनगणना एवं अन्य विभागीय कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें तथा लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने का निर्देश दिया।
आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण कार्यों की हुई समीक्षा
बैठक में जिले में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रखंडवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कार्यरत एजेंसियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में तेजी लाएं तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर भूमि संबंधित समस्याएं आ रही हैं, वहां संबंधित बीडीओ एवं अंचलाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि जो आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, उन्हें संबंधित विभाग को शीघ्र हैंडओवर किया जाए ताकि वहां बच्चों एवं महिलाओं के लिए सेवाएं प्रारंभ की जा सकें। उन्होंने कहा कि योजनाओं में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
एडीएसएस पेंशन मामलों के सत्यापन को लेकर शिविर आयोजित करें
बैठक में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने एडीएसएस पेंशन से संबंधित मामलों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डीजीटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) एवं लाभुक सत्यापन के लंबित मामलों के निष्पादन हेतु सभी प्रखंडों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि वृद्ध, दिव्यांग एवं जरूरतमंद लाभुकों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसलिए सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाते हुए लंबित मामलों का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर करें। उपायुक्त ने पूर्व में आयोजित दिशा की बैठक में दिए गए निर्देशों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को आगामी तीन दिनों के भीतर अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर लंबित बिंदुओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
आपदा मुआवजा आवेदनों में त्रुटियों का समयबद्ध निष्पादन करें
साथ ही, आगामी जून माह में दिशा की बैठक को लेकर सभी विभागों को आवश्यक तैयारी समय पर पूरी करने को कहा। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी विभाग अद्यतन प्रतिवेदन एवं प्रगति रिपोर्ट तैयार रखें ताकि योजनाओं की प्रभावी समीक्षा की जा सके। बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि विभिन्न अंचलों से प्राप्त मुआवजा आवेदनों में कई तकनीकी एवं दस्तावेजी त्रुटियां पाई जा रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों का समयबद्ध संधारण सुनिश्चित करें तथा आवेदनों को लंबित नहीं रखें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
जनगणना 2027 के तहत स्वगणना अभियान को सफल बनाने पर जोर
बैठक में जनगणना 2027 के तहत चल रहे स्वगणना अभियान की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक लोगों को स्वगणना के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि 15 मई तक चलने वाली इस प्रक्रिया को सफल बनाने हेतु जन जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि जन गणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है तथा इससे प्राप्त आंकड़े भविष्य की योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए सभी अधिकारी एवं कर्मी इसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी, अनुमंडल पदाधिकारी चास प्रांजल ढ़ांडा, अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो मुकेश मछुआ समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी,प्रखंड विकास पदाधिकारी - अंचलाधिकारी आदि उपस्थित थे।
