सभी ग्रामीणों को सूचित किया जाता है कि वर्तमान में 30 हाथियों का झुंड अलग-अलग हिस्सों में बंटकर बोकारो जिले के गोपो, पालू, बड़की पुन्नू और कुसुमडीह-कानीडीह के आस-पास मौजूद है। इस झुंड में 2 से 3 हथनियां गर्भवती हैं, जिसके कारण झुंड तेजी से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। ऐसी पूरी संभावना है कि यह झुंड लंबे समय तक इसी इलाके में रहेगा। गर्भावस्था के दौरान और बच्चे के जन्म के बाद हाथियों का झुंड अत्यधिक आक्रामक और खतरनाक हो जाता है।
इन गांवों में विशेष हाई अलर्ट
महुआटांड़, धवईया, सिमराबेड़ा, दरहाबेड़ा, कुसुमडीह, कानीडीह, गागा, टिकाहारा, फुटकाडीह और कंडेर के निवासियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है। वन विभाग की ओर से रात में बाहर न निकलने की सलाह दी गई है. इस विशेष और खतरनाक स्थिति को देखते हुए, रात के समय किसी भी हाल में घरों से बाहर न निकलें। पक्के मकान का आश्रय लें.नो फोटो / नो सेल्फी: हाथियों के करीब जाने, उनकी फोटो खींचने, सेल्फी लेने या हूटिंग (शोर मचाने) की सख्त मनाही है। ट्रैक्टर या शोर का प्रयोग न करें: हाथियों को भगाने के लिए रात में ट्रैक्टर का साइलेंसर खोलने या किसी भी तरह से उन्हें तंग करने का प्रयास बिल्कुल न करें।
थोड़ी सी गलती से कई मासूम लोगों के लिए घातक हो सकती है
यह एक विशेष और संवेदनशील स्थिति है। जो भी व्यक्ति इन चेतावनियों की अनदेखी करेगा, रात में बेवजह वाहन लेकर जंगल में विचरण करेगा,या हाथियों को परेशान करेगा, उस पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत तुरंत और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आपकी सुरक्षा के लिए इस क्षेत्र में 2 QRT (Quick Response Team) तैनात कर दी गई हैं। जरूरत पड़ने पर पड़ोसी क्षेत्रों (गोला, मांडू, कुजू) से भी बैकअप टीमें तुरंत बुलाई जाएंगी। वन विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। आपातकालीन स्थिति में QRT टीम 1: +916204410674, QRT टीम 2: +918084598077, फौरस्टर गोमिया : +917070466084 से संपर्क करें। कृपया अपनी और हाथियों की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें और इस संदेश को जल्द से जल्द सभी ग्रुप्स में शेयर करें।
