बोकारो इस्पात पुस्तकालय सेक्टर 5 में बोकारो इस्पात संयंत्र एवं अखिल भारतीय चेतना दर्पण के संयुक्त तत्वाधान में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर काव्य गोष्ठी में कवियों एवं कवयित्रियों ने रचनाओं से समां बांधा। साहित्यकारों एवं कवियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि कवि अपने युग का प्रतिनिधि होता है और उसकी रचनाओं में उस युग की छाप दिखाई पड़ती है। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार कनक लता राय ने कहा कि साहित्य रचना से मस्तिष्क को ऊर्जा प्राप्त होती है। अपने अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने सभी कवियों एवं कवयित्रियों की रचनाओं की विस्तार से समीक्षा की।
कवि गोष्ठी की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई
कवि गोष्ठी कस्तूरी सिन्हा की सरस्वती वंदना से प्रारंभ हुई। इस अवसर पर कस्तूरी सिन्हा ने आंख के बंद कपाट मत खोलो, लव कुमार ने कोयले से उजाला, रेणुका सिन्हा ने महंगाई, शीला तिवारी ने नव गीत में किसलय बन, रिंकू गिरि ने प्रकृति का सवाल, पंकज प्रेमी ने मान जा तुम मेरे भाई, कनकलता राय ने नहीं चाहिए मुक्ति-मोक्ष, पद्मावती कोमल ने गर्मी में लाइट का कटना, अंकित कुमार उपाध्याय ने बचपन की कुछ बातें, आरपी वर्मा ने आप से अपना कोई रिश्ता पुराना है, डॉ रंजना श्रीवास्तव ने एक पौधा एक उम्मीद, क्रांति श्रीवास्तव ने आंखें बहुत कुछ बोलती हैं, अनिल श्रीवास्तव ने उसकी मां, ज्योति वर्मा ने मैं कौन हूँ, गीता गुस्ताख ने ये नालायक लोग, डॉ नरेंद्र कुमार राय ने भारत का इतिहास भरा है नारी गौरव गान से, शैलजा झा ने पृथ्वी का दंडपाल, संजू कुमारी गिरि ने पर्यावरण हमारा कवच और राखी बरनवाल ने समय की समझ कविता पढ़कर गोष्ठी में काव्यमय माहौल बना दिया।
भारतीय संस्कृति आदि विषयों पर हुई काव्य पाठ
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत रचनाओं में प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता, सामाजिक विसंगतियों, पारिवारिक संबंधों तथा भारतीय संस्कृति एवं इतिहास से जुड़े विषयों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया। विभिन्न रचनाओं ने श्रोताओं की खूब सराहना प्राप्त की और पूरे आयोजन में साहित्यिक सौंदर्य एवं रचनात्मकता का वातावरण बना रहा। गोष्ठी के अंत में आयोजकों द्वारा सभी प्रतिभागियों, साहित्यकारों एवं उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साहित्य और संस्कृति के संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ तथा उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की निरंतरता की अपेक्षा व्यक्त की।
