थैलेसीमिया के इलाज की राह होगी आसान: बोकारो में 12 सितंबर को फ्री HLA टेस्टिंग कैंप


12 सितंबर को बोकारो में दूसरा निःशुल्क HLA टेस्टिंग कैंप 12 वर्ष से कम उम्र के थैलीसीमिया मरीज और उनके जैविक भाई-बहन करा सकेंगे। थैलीसीमिया से जूझ रहे बच्चों और उनके परिवारों के लिए एक बार फिर उम्मीद की नई किरण लेकर 12 सितंबर 2026 को बोकारो, झारखंड में दूसरा निःशुल्क HLA टेस्टिंग कैंप आयोजित किया जा रहा है। पिछले HLA कैंप में 39 बच्चों का मिला Full HLA Match, जिनमें 27 बच्चों का सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट हो चुका है. यह कैंप नारायणा हेल्थ सिटी , बेंगलुरु के सहयोग से DKMS फाउंडेशन इंडिया, माँ सेवा समिति ट्रस्ट और लायंस क्लब ऑफ़ बोकारो  के समर्थन से आयोजित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए परिवार में संभावित HLA-matched donor की पहचान करना और जरूरत पड़ने पर बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) के विकल्प तक उनकी पहुंच को आसान बनाना है।

पिछले कैंप में 147 मरीजों की HLA टेस्टिंग, 39 Full Matches

बोकारो में आयोजित पिछले निःशुल्क HLA कैंप में 30 नवंबर 2024 को 147 थैलेसीमिया मरीजों के HLA सैंपल लिए गए थे। HLA matching के बाद 39 मरीजों के लिए Full HLA Match पाया गया। इन 39 मरीजों में से 27 बच्चों का सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) नारायणा हेल्थ सिटी , बेंगलुरु में किया जा चुका है। इन सभी 27 बच्चों का BMT निःशुल्क किया गया। इसके लिए कोल इंडिया CSR स्कीम – थैलेसीमिया बाल सेवा योजना और प्राइम मिनिस्टर रिलीफ फण्ड से सहयोग प्राप्त हुआ। इन बच्चों के बोन मैरो ट्रांसप्लांट का उपचार डॉ. सुनील भट, डायरेक्टर & क्लिनिकल लीड – पेडिअट्रिक हेमाटो - ऑनकलॉजी & बोन मैरो ट्रांसप्लांट, नारायणा हेल्थ सिटी, बेंगलुरु के नेतृत्व में किया गया।

इस बार भी HLA टेस्टिंग पूरी तरह निःशुल्क

12 सितंबर को होने वाले कैंप में 12 वर्ष से कम उम्र के थैलेसीमिया मरीज भाग ले सकते हैं। मरीज के साथ उनके सभी जैविक भाई-बहनों के HLA सैंपल भी निःशुल्क लिए जाएंगे। आवश्यकता होने पर माता-पिता के HLA सैंपल भी लिए जा सकते हैं। HLA टेस्टिंग के लिए आवश्यक HLA किट्स DKMS फाउंडेशन इंडिया द्वारा नारायणा हेल्थ सिटी , बेंगलुरु के सहयोग से निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। कैंप के दौरान एकत्र किए गए HLA सैंपल जर्मनी भेजे जाएंगे, जहां HLA matching की प्रक्रिया की जाएगी। इससे मरीजों के परिवार में संभावित matched donor की पहचान करने में मदद मिलेगी।

परिवारों से अपील

थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के परिवारों से अपील की गई है कि वे इस निःशुल्क HLA टेस्टिंग सुविधा का लाभ उठाएं। सही समय पर HLA testing और संभावित डोनर की पहचान से उपयुक्त मरीजों को आगे बोन मैरो ट्रांसप्लांट के विकल्प पर विचार करने में मदद मिल सकती है। यहाँ पर गौर करने वाली बात है की बोन मेरो ट्रांसप्लांट का अनुमानित खर्च लगभग 2000000 से 2500000 रुपये है, परंतु  सही समय पर HLA testing, संभावित डोनर की पहचान और वित्तीय सहायता मिलकर थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के उपचार की राह को आसान बना सकते हैं, जो की पूरी तरह से निशुल्क होता है। मौके पर अध्यक्ष - अजय केडिया, सचिव - अखिलेश श्रीवास्तव , निखिल श्रीवास्तव, माँ सेवा समिति से भागवत भवेश, राज कुमार महथा, हेलपिंग हैंडस से गोपाल मुरारका, समाजसेवी संजय सोनी आदि मौजूद थे।


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