NDA में 5 बार असफल, फिर भी नहीं मानी हार; भारतीय तटरक्षक बल के डिप्टी कमांडेंट बने नीतीश


कभी दी पेन्टिकॉस्टल असेम्बली स्कूल की कक्षाओं में बैठकर ऊंची उड़ान के सपने देखने वाले नीतीश कुमार सोमवार को भारतीय तटरक्षक बल के डिप्टी कमांडेंट के रूप में अपने विद्यालय लौटे। वर्ष 2014 बैच के पूर्व छात्र नीतीश वर्तमान में 743 स्क्वाड्रन, भुवनेश्वर में एविएटर हैं। कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्होंने अपनी संघर्षपूर्ण यात्रा साझा की। एन.डी.ए. में पांच तथा ए.एफ.कैट और सी.डी.एस में एक-एक असफल प्रयास के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अंततः भारतीय तटरक्षक बल में स्थान बनाया। उन्होंने कहा, “अस्थायी असफलता को जीवन का स्थायी विराम न बनने दें।”

अपने विद्यार्थी को राष्ट्रसेवा की वर्दी में देखना गौरवपूर्ण क्षण

नीतीश कुमार ने विद्यालय की मुख्य शैक्षणिक अधिकारी रीता प्रसाद के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि विद्यालय की प्रार्थना सभाओं में मिले उनके प्रेरक संदेश कठिन समय में भी आगे बढ़ने की शक्ति देते रहे। करियर वार्ता के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय तटरक्षक बल की भूमिका, प्रशिक्षण तथा रोजगार के अवसरों से परिचित कराया और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए। अपने ही विद्यार्थी को राष्ट्रसेवा की वर्दी में वापस देखना विद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण था। यह अवसर पी.ए.एस. की उस शैक्षणिक विरासत का जीवंत उदाहरण बना, जो बच्चों को केवल पढ़ाती नहीं, बल्कि उन्हें सपने देखने, संघर्ष करने और ऊंची उड़ान भरने का साहस भी देती है।


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