हाथी के हमले से लोगों को बचाने के लिए बंगाल की टीम के साथ वन विभाग करेगा काम


बोकारो जिले के बड़कीपुन्नू करमाली टोला तथा महुआटांड़ के गांगपुर क्षेत्र में 5 एवं 6 फरवरी को हाथी के हमले से घटित अत्यंत दुखद घटनाओं में एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित कुल पांच लोगों की मृत्यु हो गई है। इसके अलावा कुछ ग्रामीण घायल हुए हैं, जिनका इलाज वर्तमान में जारी है। जिला प्रशासन इस त्रासदी से अत्यंत मर्माहत है तथा पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है। उक्त बातें उपायुक्त अजय नाथ झा ने शनिवार को कहीं।घटना की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त के निर्देश पर सभी संबंधित विभागों द्वारा त्वरित, समन्वित एवं बहुआयामी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। 

विशेषज्ञ टीम की हुई तैनाती

हाथी प्रबंधन एवं रेस्क्यू कार्य में विशेषज्ञता रखने वाली पश्चिम बंगाल के बांकुरा से 16 सदस्यीय टीम को बुलाया गया है, जो आज शाम 4 बजे तक जिले में पहुँच जाएगी। यह टीम वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति को नियंत्रित करने में सहयोग करेगी। हाथी हमले में घायल सभी व्यक्तियों को सदर अस्पताल, रामगढ़ में भर्ती कराया गया है। उनके समुचित इलाज के लिए डॉक्टरों की एक विशेष मेडिकल टीम गठित की गई है। आर.एफ.ओ कुजू अपनी टीम के साथ अस्पताल में मौजूद रहकर घायलों की निरंतर देख रेख कर रहे हैं तथा राहत कोष के माध्यम से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। हाथियों को सुरक्षित रूप से बेहोश कर रेस्क्यू करने के लिए वंतारा टीम से संपर्क किया गया है, जो आज दिन के अंत तक घटनास्थल पर पहुंच जाएगी। तब तक एक क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

ग्रामीणों को टॉर्च और मशाल कराया जाएगा उपलब्ध 

घटनास्थल पर तैनात क्यूआरटी द्वारा मृतकों के परिजनों एवं प्रभावित परिवारों को नियमानुसार तत्काल मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जा रही है। आगे की सहायता प्रक्रियाएं भी शीघ्र पूर्ण की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को टॉर्च एवं मशालें वितरित करने की व्यवस्था की जा रही हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर सुरक्षा एवं सतर्कता टीमों का गठन किया गया है, जो रात्रिकालीन गश्त एवं सूचना तंत्र को मजबूत करेंगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संवेदनशील गांवों की पहचान की जा रही है। इन गांवों में सोलर लाइट लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, जिससे रात्रि में दृश्यता बढ़े और हाथी-मानव संघर्ष की संभावना कम से कम हो।समस्याग्रस्त हाथी की सटीक पहचान एवं उसकी गतिविधियों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों से फुटेज ली जा रही है। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। उपायुक्त अजय नाथ झा ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, ग्रामीणों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक सतत निगरानी बनाए रखने का स्पष्ट निर्देश दिया है। जिला प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

हाथी विचरण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की सतत होगी मॉनिटरिंग 

हाथी विचरण वाले प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित नहीं हो, इसे सुनिश्चित करने हेतु प्रशासन द्वारा सतत निगरानी की जा रही है। उपायुक्त अजय नाथ झा स्वयं इस व्यवस्था पर लगातार नजर रखे हुए हैं। इस क्रम में  कार्यपालक अभियंता, तेनुघाट को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि इन संवेदनशील क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की नियमित, प्रभावी एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि रात्रिकालीन समय में अंधेरे के कारण किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि अंडरग्राउंड वायर में फाल्ट की स्थिति उत्पन्न होने पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ओवरहेड वायर के माध्यम से तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल की जाए, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनी रहे।


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