DPS बोकारो कैंटीन में गंदगी और एक्सपायर्ड फूड मिला, प्रशासन ने लगाया ताला


सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद के निर्देशानुसार कार्यपालक दंडाधिकारी, चास जया कुमारी की उपस्थिति में गुलाब लकडा, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, बोकारो, पुलिस पदाधिकारी एवं बल के द्वारा डीपीएस बोकारो के कैंटीन  का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में कैंटीन में मिली कई कमियां एवं गड़बड़ी के कारण कैंटीन को सील किया गया। इस संदर्भ में सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद ने बताया कि खाद्य सुरक्षा आयुक्त कार्यालय, नामकुम द्वारा ईमेल से प्राप्त शिकायत के आलोक में डीपीएस बोकारो के केंटीन का निरीक्षण किया गया। साथ हीं हल्दी पाउडर, मिर्चा पाउडर, वनस्पति तेल, एवं दही का नमुना संग्रह कर जांच के लिए नियमानुसार कार्रवाई के लिए भेजा गया।


एक्सपायर्ड मिली कई सामग्रियां 

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गुलाब लकड़ा के द्वारा बताया गया कि निरीक्षण के दौरान व्यवसाय स्थल से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं नियम/विनियम 2011 के प्रावधानों / Schedule IV का उल्लघन के साथ -साथ कई  कमियां पाई गई। जिसमें FSSAI License/Registration नहीं पाया गया। विद्यालय प्रशासन के द्वारा निर्गत किसी प्रकार प्राधिकृत पत्र (Authority Letter) नहीं पाया गया। खाद्य कारोबारकत्ताओं का Pest Control, Medical Fitness नहीं पाया गया, परिसर में गंदगी का अंबार पाया गया साथ ही कैंटिन में कार्यरत कर्मीयों Head Mask, Head Gloves Etc. नहीं पाया गया। Lilon's Classic Mixed Pickle आचार एवं Testy Pixel (Vegeterion Mayonnaise) Expired Product पाया गया।

शिक्षकों व प्रबंधन की ओर से व्यवधान डाला गया 

छापामारी टीम के द्वारा बताया गया कि स्कूल शिक्षक एवं प्रबंधन सदस्यों द्वारा निरीक्षण के कार्य में काफी व्यवधान पैदा किया गया। तदोपरान्त कार्यपालक दण्डाधिकारी एवं स्थानीय पुलिस पदाधिकारी व बल के सहयोग से उपरोक्त के उल्लघंन में निर्देशानुसार Canteen को अगले आदेश तक खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी द्वारा गवाहों की उपस्थिति में Seal किया गया। जांच टीम में कार्यापालक दण्डाधिकारी, चास जया कुमारी, गुलाब लकड़ा, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, बोकारो, आनन्द कुमार के साथ सेक्टर 4 थाना से पुलिस पदाधिकारी व बल उपस्थित थे।

पूर्वाग्रह से ग्रसित है कार्रवाई : डीपीएस बोकारो प्रबंधन

कैंटीन में छापेमारी के संबंध में डीपीएस बोकारो प्रबंधन का कहना है कि इसमें स्कूल की कोई भूमिका नहीं है। मेस का संचालन पूर्णतया आउटसोर्सिंग के तहत होता है। अगर गड़बड़ी की पुष्टि होती भी है, तो विद्यालय के स्तर से भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। वैसे, छापेमारी की उक्त कार्रवाई कहीं न कहीं पूर्वाग्रह से प्रेरित है।  स्कूल प्रबंधन के लोगों ने जब छापामारी आदेश की प्रति मांगी, तो उनके साथ बदसलूकी की गई। कोई आधिकारिक ऑर्डर दिखाए बिना जबरन ताला जड़ दिया गया।


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