दिव्यांग बच्चों की वैज्ञानिक उड़ान: विज्ञान प्रदर्शनी में आशाकिरण स्कूल चाईबासा को पहला स्थान


आशा-लता विकलांग विकास केंद्र, बोकारो में समर्थनम ट्रस्ट फॉर द डिसएबल्ड, बैंगलोर के सहयोग से विज्ञान प्रदर्शनी एवं विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न दिव्यांग विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में झारखंड के 5 दिव्यांग विद्यालयों के 20 छात्र-छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर आधारित विज्ञान मॉडल प्रस्तुत किए। बच्चों द्वारा तैयार किए गए मॉडल ने उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में आशा-लता के निर्देशक बीएस जायसवाल ने संस्था की गतिविधियों एवं दिव्यांग बच्चों के लिए किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के भीतर वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

प्रतिभागियों को किया गया पुरस्कृत 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीएसएल के जीएम, सीएसआर पार्थ प्रतिम चक्रवर्ती ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि बीएसएल सीएसआर के माध्यम से दिव्यांग बच्चों के विकास और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आगे भी हरसंभव सहयोग जारी रखा जाएगा। कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि रीचा कुणाल भी उपस्थित रहीं। विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आशाकिरण स्कूल, चाईबासा, द्वितीय स्थान पहला कदम्स स्कूल, धनबाद तथा तृतीय स्थान आशा-लता, बोकारो ने प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों एवं विद्यालयों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सचिदानंद सिंह ने किया। आयोजन ने दिव्यांग बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ विज्ञान के प्रति रुचि और जिज्ञासा विकसित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।

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