भारत सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS)' के अंतर्गत देश के युवाओं को उद्योग जगत का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने की दिशा में बोकारो इस्पात संयंत्र निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योजना के तृतीय चरण के अंतर्गत वर्तमान में 91 इंटर्न्स बोकारो इस्पात संयंत्र के विभिन्न विभागों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह प्रशिक्षण युवाओं को औद्योगिक कार्यसंस्कृति, आधुनिक तकनीकों तथा व्यावसायिक दक्षताओं से परिचित कराने के साथ-साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रहा है। प्रशिक्षुओं को संयंत्र के विभिन्न तकनीकी एवं गैर-तकनीकी विभागों में प्रशिक्षण हेतु पदस्थापित किया गया है। यहाँ इंटर्न्स विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में संयंत्र की वास्तविक कार्यप्रणाली, आधुनिक औद्योगिक प्रक्रियाओं, तकनीकी दक्षताओं तथा सुरक्षा मानकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इससे उन्हें औद्योगिक वातावरण में कार्य करने की व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिल रहा है।
प्रत्येक इंटर्न को प्रति माह ₹9,000 का स्टाइपेंड दिया जाता है
उल्लेखनीय है कि योजना के अंतर्गत नौ माह की प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रत्येक इंटर्न को प्रति माह ₹9,000 का स्टाइपेंड प्रदान किया जा रहा है, जो भारत सरकार एवं बोकारो इस्पात संयंत्र के संयुक्त सहयोग से देय है। यह वित्तीय सहायता युवाओं को प्रशिक्षण अवधि में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ लगन एवं एकाग्रता से कौशल विकास के लिए प्रेरित कर रही है। गौरतलब है कि चयनित इंटर्न्स में आईटीआई, डिप्लोमा, स्नातक (बी.एससी., बी.सी.ए., बी.ए.) तथा 12वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थी शामिल हैं। उन्हें यांत्रिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, फिटर, वेल्डर, टर्नर, मशीनिस्ट, सिविल, इंस्ट्रूमेंटेशन, पीएलसी लैब, पावर डिस्ट्रीब्यूशन, मेटलर्जी, लॉजिस्टिक्स, मानव संसाधन, कंप्यूटर ऑपरेशन एवं प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (कोपा), हाइड्रोलिक्स तथा सिरेमिक इंजीनियरिंग जैसे विविध क्षेत्रों में कार्य का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।
प्रशिक्षण एवं कौशल विकास अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे इंटर्न्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस योजना को अपने करियर के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। इंटर्न श्वेता शर्मा ने कहा कि बोकारो इस्पात संयंत्र में प्राप्त व्यावहारिक अनुभव उनके व्यक्तित्व और व्यावसायिक विकास को नई दिशा देगा। इंटर्न आयुष कुमार शर्मा ने बताया कि अत्याधुनिक मशीनों पर कार्य सीखने के साथ मिलने वाला स्टाइपेंड उन्हें आत्मविश्वास एवं आर्थिक संबल प्रदान कर रहा है। इंटर्न मनीषा कुमारी के अनुसार इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्राप्त प्रशासनिक अनुभव उनके व्यावसायिक जीवन की मजबूत आधारशिला बनेगा। वहीं इंटर्न गौतम कुमार हांसदा ने 'प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS)' के तहत बोकारो इस्पात संयंत्र की कार्यसंस्कृति को निकट से समझने के अवसर को अत्यंत प्रेरणादायक बताया। इंटर्न गणेश केरकेट्टा एवं इंटर्न ऋषि कुमार सिंह ने भी प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के इस अवसर को अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया।उल्लेखनीय है कि सभी प्रशिक्षु अनुशासन और लगन के साथ औद्योगिक कार्यसंस्कृति को आत्मसात कर रहे हैं। इस योजना के माध्यम से आसपास के क्षेत्रों में कौशल विकास को नई दिशा मिल रही है।
