भारत मौसम विज्ञान विभाग, रांची से प्राप्त दैनिक मौसम पूर्वानुमान के अनुसार बोकारो जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। जिले में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए संभावित जलजमाव, बाढ़ जैसी स्थिति एवं इससे होने वाली जान-माल की क्षति के न्यूनीकरण के लिए जिला प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां तेज कर दी हैं।उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, बोकारो अजय नाथ झा ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सभी संबंधित विभागों को अतिवृष्टि से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
24×7 सक्रिय रहेगा जिला नियंत्रण कक्ष
अतिवृष्टि, विशेषकर मौसम विभाग द्वारा ऑरेंज/रेड अलर्ट जारी किए जाने की स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष 24×7 सक्रिय रहेगा। जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 06542-247891 एवं 06542-223705 हैं। अपर समाहर्त्ता, बोकारो को जिला नियंत्रण कक्ष के वरीय पदाधिकारी के रूप में नामित किया गया है। सभी विभागों एवं अंचल कार्यालयों को अपने स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित करने तथा इसकी सूचना जिला नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागों को क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) गठित कर दक्ष एवं प्रशिक्षित कर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा है।
जलजमाव एवं सड़क क्षति पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश
नगर निगम बोकारो, चास नगर निगम एवं फुसरो नगर परिषद को वार्डवार दल गठित कर जलजमाव की समस्या के समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है, ताकि आवागमन सुचारू बना रहे। ग्रामीण कार्य विभाग एवं पथ निर्माण विभाग को निर्माणाधीन एवं अन्य महत्वपूर्ण सड़कों का निरीक्षण करने तथा सड़क पर गड्ढा, डायवर्सन अथवा अन्य जोखिम की स्थिति में लाल रंग से चिन्हांकन एवं पूर्ण बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। सड़क अथवा पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में तत्काल आवागमन बहाल करने को कहा है।कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल चास/तेनुघाट एवं महाप्रबंधक, विद्युत, बोकारो इस्पात संयंत्र को अत्यधिक वर्षा के कारण बिजली के तार गिरने अथवा विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए विद्युत आपूर्ति बहाल करने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान विभागीय मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सूखे एवं कमजोर पेड़ों को हटाने का निर्देश
वन प्रमंडल, बोकारो को क्षेत्र में सूखे एवं कमजोर पेड़ों को चिन्हित कर अभियान चलाकर हटाने का निर्देश दिया गया है। पेड़ गिरने की सूचना प्राप्त होने पर आवागमन बहाल करने के लिए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। जिला पर्यटन पदाधिकारी को सभी पर्यटन स्थलों पर सुरक्षित रास्तों का उपयोग सुनिश्चित कराने तथा खतरनाक स्थानों एवं गहरे पानी वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर बैरिकेडिंग एवं चेतावनी संकेतक लगाने का निर्देश दिया गया है। पर्यटन स्थलों के प्रमुख प्रवेश द्वारों पर भी आवश्यक चेतावनी संकेत लगाने को कहा है। सिविल सर्जन, बोकारो को अतिवृष्टि से संभावित बीमारियों की रोकथाम एवं स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए विभागीय दिशा-निर्देश एवं एसओपी के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों को आवश्यक दवाओं, विशेषकर एंटीवेनम, की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है।
विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
जिला शिक्षा अधीक्षक एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को विद्यालय भवनों में संभावित संरचनात्मक एवं गैर-संरचनात्मक जोखिमों की समय पर पहचान कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को जर्जर आंगनबाड़ी भवनों के लिए नजदीकी सुरक्षित सरकारी भवनों की पहचान करने तथा आपात स्थिति में बच्चों, सेविकाओं एवं सहायिकाओं को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कच्चे, मिट्टी एवं जर्जर मकानों को चिन्हित कर वहां निवासरत परिवारों को संभावित खतरे की पूर्व सूचना देने का निर्देश दिया है। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे परिवारों को सुरक्षित स्थान अथवा राहत शिविरों में स्थानांतरित कर भोजन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा है।
राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश
अतिवृष्टि के कारण जनजीवन प्रभावित होने, सड़क जाम, कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने, वज्रपात एवं फसल क्षति जैसी परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित विभागों को राहत शिविरों एवं सुरक्षित स्थानों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसमें शरण-स्थल, भोजन, पेयजल, चिकित्सा, शौचालय तथा वृद्ध, बच्चों, विधवा एवं अनाथ व्यक्तियों के लिए विशेष सुविधाएं शामिल हैं। संबंधित अंचल अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के संबंध में त्वरित कार्रवाई करते हुए नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सभी सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं अन्य संस्थानों के प्रधानों को तड़ित चालक (लाइटनिंग अरेस्टर) की उपलब्धता एवं कार्यशीलता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। जहां तड़ित चालक उपलब्ध नहीं है अथवा अनुपयोगी है, वहां निर्धारित मानकों के अनुरूप स्थापना एवं मरम्मत की कार्रवाई करने को कहा है।
भू-धंसान एवं गैस रिसाव संभावित क्षेत्रों की निगरानी
सीसीएल एवं बीसीसीएल के क्षेत्रीय महाप्रबंधकों को अपने-अपने क्षेत्र में भू-धंसान, गैस रिसाव संभावित क्षेत्रों एवं अन्य संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। आवश्यकता के अनुसार ऐसे क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक लगाने, आमजनों के प्रवेश पर रोक तथा संबंधित संस्थानों के साथ समन्वय कर सुरक्षा एवं बचाव के आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने को कहा है। जिला प्रशासन ने आमजनों से अपील की है कि अत्यधिक वर्षा के दौरान अनावश्यक रूप से जलजमाव वाले क्षेत्रों, गहरे पानी, कमजोर संरचनाओं एवं अन्य जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचें। मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित नियंत्रण कक्ष अथवा प्रशासन को दें।
