बोकारो इस्पात संयंत्र में हाइड्रोलिक ऑयल के संरक्षण एवं इसकी खपत में कमी लाने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत हाइड्रोलिक ऑयल की खपत को संतुलित बनाने एवं रिसाव पर प्रभावी नियंत्रण तथा प्रयुक्त हाइड्रोलिक ऑयल के अधिकतम संग्रहण एवं पुनर्जनन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में बीएसएल के तकनीकी प्रकोष्ठ विभाग द्वारा एचआरसीएफ विभाग में हाइड्रोलिक ऑयल संरक्षण विषय पर अर्धदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक (एचआरसीएफ) सहित हाइड्रोलिक प्रणालियों के संचालन एवं अनुरक्षण से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ठेका कर्मी उपस्थित थे।कार्यक्रम के दौरान हाइड्रोलिक प्रणालियों के संचालन एवं अनुरक्षण से संबंधित जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। तकनीकी प्रकोष्ठ विभाग द्वारा प्रस्तुति के माध्यम से हाइड्रोलिक ऑयल के विवेकपूर्ण उपयोग, रिसाव एवं अन्य कारणों से होने वाली क्षति को रोकने तथा प्रभावी अनुरक्षण पद्धतियों को अपनाने के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला गया।
ऑयल की खपत कम करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (एचआरसीएफ) ने हाइड्रोलिक प्रणालियों की विश्वसनीयता एवं कार्यक्षमता बनाए रखते हुए ऑयल की खपत कम करने के लिए सामूहिक एवं सतत प्रयासों का आह्वान किया। उन्होंने रिसाव के स्रोतों की समय पर पहचान एवं शीघ्र निराकरण, अनुरक्षण के दौरान ऑयल के उचित रख-रखाव तथा प्रयुक्त ऑयल के समुचित संग्रहण पर विशेष जोर दिया। सत्र में प्रयुक्त हाइड्रोलिक ऑयल के अधिकतम संग्रहण एवं पुनर्जनन को बढ़ावा देने पर भी बल दिया गया। इससे ताजा हाइड्रोलिक ऑयल की आवश्यकता एवं संबंधित व्यय को कम करने में सहायता मिलेगी। यह अभियान बीएसएल द्वारा संसाधन संरक्षण, लागत अनुकूलन, उत्तरदायी अनुरक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।
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