बोकारो स्टील प्लांट के सतर्कता विभाग द्वारा आगामी ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026’ तथा वर्तमान में संचालित ‘तीन माह के निवारक सतर्कता अभियान’ के अंतर्गत सत्यनिष्ठा, नैतिक मूल्यों एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) नर्सिंग कॉलेज में भाषण प्रतियोगिता तथा मानव संसाधन विभाग के समिति कक्ष में ‘साइबर सुरक्षा एवं साइबर स्वच्छता’ विषय पर प्रशिक्षण-सह-जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। सतर्कता विभाग द्वारा बीजीएच नर्सिंग कॉलेज में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में नर्सिंग की कुल 21 छात्राओं ने हिंदी एवं अंग्रेजी, दोनों वर्गों में भाग लिया। प्रतिभागियों ने सत्यनिष्ठा, नैतिक मूल्यों एवं सतर्कता से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में अधिशासी निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ मुख्य महाप्रबंधक (सतर्कता) एवं एसीवीओ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ), वरिष्ठ चिकित्सक, अन्य चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या तथा संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों में सत्यनिष्ठा व सजगता पर दिया गया जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्य महाप्रबंधक (सतर्कता) एवं एसीवीओ ने छात्राओं को सतर्कता जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने व्यक्तिगत एवं पेशेवर जीवन में सतर्कता के महत्व को रेखांकित करते हुए युवा पीढ़ी में नैतिक मूल्यों, सत्यनिष्ठा एवं सजगता की भावना विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। अधिशासी निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) ने अपने संबोधन में कार्यस्थल पर नैतिकता एवं ईमानदारी के महत्व को रेखांकित किया तथा विद्यार्थियों के व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में सत्यनिष्ठा एवं सतर्कता को अभिन्न मूल्य के रूप में अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। अंग्रेजी वर्ग में ‘प्रेरणा’ ने प्रथम, ‘स्नेहा निधि’ ने द्वितीय तथा ‘कुमारी गार्गी’ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि ‘ऋषिका’ को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। हिंदी वर्ग में ‘श्रुति प्रिया’ ने प्रथम, ‘प्रियंका’ ने द्वितीय तथा ‘विद्या भूषण’ ने तृतीय स्थान हासिल किया, जबकि ‘ईशा’ को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
साइबर सुरक्षा एवं साइबर स्वच्छता पर किया गया जागरूक
सभी विजेताओं को ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026’ के समापन समारोह के दौरान पुरस्कृत किया जाएगा। इसी क्रम में मानव संसाधन विभाग के समिति कक्ष में सतर्कता विभाग द्वारा कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी (सीएंडआईटी) विभाग के सहयोग से ‘साइबर सुरक्षा एवं साइबर स्वच्छता’ विषय पर प्रशिक्षण-सह-जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दैनिक कार्यालयी कार्यप्रणाली में डिजिटल सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करना तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साइबर खतरों के प्रति जागरूक एवं सजग बनाना था। कार्यक्रम में अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उनके साथ मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन), मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन), मुख्य महाप्रबंधक (सतर्कता) एवं एसीवीओ सहित मानव संसाधन प्रभाग एवं सतर्कता विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिभागियों को ‘सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा’ दिलाकर की गई। अपने संबोधन में उन्होंने वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा की बढ़ती महत्ता पर प्रकाश डालते हुए डिजिटल संसाधनों के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग तथा साइबर खतरों के प्रति निरंतर सजग रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
साइबर सुरक्षा संगठन के प्रत्येक सदस्य की सामूहिक जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि संगठन के प्रत्येक सदस्य की सामूहिक जिम्मेदारी है। तकनीकी सत्र में सीएंडआईटी विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक एवं उप प्रबंधक द्वारा संयंत्र में अपनाए जा रहे साइबर सुरक्षा ढाँचे, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल तथा डिजिटल संसाधनों के सुरक्षित उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गईं। प्रतिभागियों को दैनिक कार्यालयी कार्यों के दौरान साइबर हमलों, फिशिंग, संदिग्ध ई-मेल एवं लिंक, पासवर्ड संबंधी जोखिम तथा अन्य डिजिटल खतरों से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी गई। सत्र के दौरान साइबर स्वच्छता की आदतों को दैनिक कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाने, संवेदनशील सूचनाओं के सुरक्षित प्रबंधन तथा किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की तत्काल सूचना संबंधित विभाग को देने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों कार्यक्रमों का संचालन सहायक महाप्रबंधक (सतर्कता) द्वारा किया गया। कार्यक्रमों के सफल आयोजन में संबंधित विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं बीजीएच नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या तथा चिकित्सा कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।