फैक्ट्रियों में सुरक्षा को लेकर डीसी सख्त, दिया निरीक्षण का निर्देश


समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में गुरुवार को उपायुक्त अजय नाथ झा ने श्रम, कौशल एवं कारखाना निरीक्षक विभाग के विभागीय कार्यों की प्रगति का समीक्षा किया और कई महत्वपूर्ण दिशा - निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा, योजनाओं के लाभुकों को पारदर्शी लाभ और युवा वर्ग को गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपायुक्त ने बैठक में उपस्थित फैक्ट्री निरीक्षक को निर्देश दिया कि जिले के सभी कारखानों का नियमित एवं विस्तृत भौतिक निरीक्षण सुनिश्चित करें। औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा, श्रमिकों के लिए अनिवार्य सुविधाओं की उपलब्धता, मशीनों की सुरक्षा व्यवस्था आदि सभी बिंदुओं की सख्ती से जांच करते हुए नियमों के कड़ाई से अनुपालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई 

उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि कोई भी फैक्ट्री सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते पाया जाता है तो तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। वहां काम करने वाले श्रमिकों व आमजनों की सुरक्षा जरूरी है। उपायुक्त ने फैक्ट्री निरीक्षक को बालीडीह बियाडा क्षेत्र के सभी औद्योगिक इकाईयों का कैटेगरी वार सूची तैयार करने, काम करने वाले श्रमिकों की संख्या, उत्पादन - वार्षिक टर्न ओवर आदि की जानकारी अगली बैठक से पूर्व समर्पित करने का निर्देश दिया।उपायुक्त ने श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं - निर्माण श्रमिक सेफ्टी किट योजना, मेधावी पुत्र - पुत्री छात्रवृति योजना, अंत्योष्टि सहायता योजना, झारखंड निर्माण कर्मकार मृत्यु/दुर्घटना सहायता योजना, मातृत्व प्रसुविधा योजना, श्रमिक औजार किट, पेंशन योजना, मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक औजार सहायता योजना, साइकिल सहायता योजना, विवाह सहायता योजना, प्रवासी श्रमिक योजना आदि की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योजनाओं का सोशल ऑडिट कर लाभुकों की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए।

लेबर सेस की वसूली सुनिश्चित करें, विभाग और कंपनियों को भेजे पत्र

उपायुक्त ने कहा कि जिला स्तर पर लेबर सेस की वसूली में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिला श्रम अधीक्षक श्री रंजीत कुमार को संबंधित विभागों - निर्माण एजेंसियों और विभिन्न कंपनियों को पत्र जारी कर सेस जमा करने का निर्देश दिया। ताकि श्रमिक कल्याण योजनाओं के लिए धन की उपलब्धता बनी रहे। उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कहा कि बोकारो जिले के अधिक से अधिक युवाओं और स्कूली बच्चों को कौशल प्रशिक्षण, नई तकनीक और रोजगार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि कौशल समन्वयक हर सप्ताह समाहरणालय में मंगलवार एवं शुक्रवार आयोजित होने वाले जनता दरबार में उपस्थित रहें। ताकि प्रशिक्षण से संबंधित शिकायतें व अनुरोध सीधे सुने जा सकें। मौके पर जिला जनसंपर्संक पदाधिकारी रवि कुमार, फैकट्री निरीक्षक शिवा लागुरी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, कौशल समन्वयक आशीष कुमार आदि उपस्थित थे।

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