मैट्रिक–इंटर परीक्षा 2026 को लेकर प्रशासन अलर्ट, 62 केंद्रों पर होगी मैट्रिक परीक्षा


जिले में आयोजित होने वाली मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 को कदाचारमुक्त, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को शिबू सोरेन स्मृति भवन (टाउन हॉल) में विस्तृत समीक्षा-सह-ब्रीफिंग बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने की। डीडीसी ने कहा कि मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा है, इसलिए इसकी गरिमा बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता या नियमों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। डीडीसी ने कहा कि परीक्षा केंद्राधीक्षक परीक्षा व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। केंद्राधीक्षक यह सुनिश्चित करें कि केंद्र पर प्रतिनियुक्त सभी वीक्षक, केंद्रकर्मी, सुरक्षा बल एवं अन्य कर्मियों को पहचान पत्र उपलब्ध कराया जाए। बिना पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति का प्रवेश परीक्षा केंद्र परिसर में न हो, ताकि सुरक्षा और अनुशासन कायम रखा जा सके।

परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए सिटिंग प्लान का स्पष्ट प्रदर्शन

छात्र-छात्राओं को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए निर्देश दिया गया कि सिटिंग प्लान परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार, केंद्र परिसर/मैदान में अलग-अलग तथा प्रत्येक परीक्षा कक्ष के बाहर स्पष्ट एवं पठनीय रूप में चस्पा किया जाए। इससे परीक्षार्थियों को समय पर अपनी कक्षा एवं सीट खोजने में आसानी होगी और अनावश्यक भीड़ या अफरातफरी की स्थिति नहीं बनेगी। डीडीसी ने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों से ससमय खैरियत प्रतिवेदन जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को परीक्षा नियंत्रण कक्ष को पूरी तरह सक्रिय रखने तथा सभी केंद्रों से लगातार संपर्क में रहने का निर्देश दिया। किसी भी आपात स्थिति, तकनीकी समस्या या विधि-व्यवस्था से जुड़े मामले में तत्काल सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जैक के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन जरूरी

बैठक में यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन किया जाए। प्रश्न पत्रों की सुरक्षा, उत्तर पुस्तिकाओं का संधारण, परीक्षा संचालन की समय-सारिणी एवं अन्य प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की चूक को गंभीरता से लिया जाएगा। जानकारी दी गई कि जिले में 03 फरवरी से मैट्रिक परीक्षा की शुरुआत होगी, जो कुल 62 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में कुल 24,528 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। वहीं, इंटरमीडिएट परीक्षा 46 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 22,340 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे।

समन्वय और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील

डीडीसी ने सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, केंद्राधीक्षकों एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों से आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने, संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने तथा परीक्षार्थियों के हितों को सर्वोपरि रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी की सजगता और प्रतिबद्धता से ही जिले में परीक्षा प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न कराई जा सकती है। मौके पर अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी, डीईओ जगरनाथ लोहरा, डीएसई अतुल कुमार चौबे, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह समेत सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), अंचलाधिकारी (सीओ), प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, परीक्षा केंद्राधीक्षक, शिक्षा विभाग के पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।


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