बोकारो उत्तरी क्षेत्र के गांव पंचायती व्यवस्था में होंगे शामिल : अरूप चटर्जी


बोकारो उत्तरी क्षेत्र के गांवों को पंचायती व्यवस्था में शामिल करने की मांग बहुत पुरानी है। पहले भी झारखंड विधानसभा में इस सवाल पर मांग उठी है। हाल के दिनों में विस्थापितों की मांग और भावनाओं के अनुरूप काम करने के बजाए बोकारो उपायुक्त ने उपरोक्त गांवों को सेल को डीड बना दिया है। जो विस्थापितों के साथ अन्याय है। उपरोक्त बातें बोकारो उतरी क्षेत्र के विस्थापितों का पचौरा के बोरवाघाट में आयोजित मिलन समारोह को  संबोधित करते हुए भाकपा माले निरसा के विधायक अरूप चटर्जी ने कही। उन्होंने कहा कि बोकारो उतरी क्षेत्र के विस्थापित गांवों को पंचायत में शामिल करने की मांग इस बार झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में उठेगा। जब तक 6 पंचायत के 19 गांवों को पंचायती व्यवस्था में शामिल नहीं किया जाता है, तब तक आपके संघर्षों के साथ हम और हमारी पार्टी आपके साथ खड़ी रहेगी। 

एकजुटता से ही पंचायती व्यवस्था में शामिल होंगे 19 गांव 

उन्होंने बड़ी एकता बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि हम जब तक बिखरे और कमजोर बने रहेंगे, तब तक सवाल यथावत रहेगा। जिस दिन हम बड़ी ताकत के साथ उठ खड़े होगें। 6 पंचायतों के गांवों को पंचायती व्यवस्था में शामिल होने से कोई ताकत रोक नहीं सकता है। मिलन समारोह को भाकपा माले के पोलित ब्यूरो सदस्य जनार्दन प्रसाद, माले राज्य स्थाई कमेटी सदस्य भुवनेश्वर केवट, जिला सचिव देवद्वीप सिंह दिवाकर, दिलीप तिवारी, बिनोद राय समेत कई नेताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इस्तियाक अंसारी ने किया।  जबकि संचालन भीम रजक ने किया। मिलन समारोह के माध्यम से 11 सदस्यीय कमेटी का निर्माण किया गया. जिसमें इस्तियाक अंसारी, बिनोद राय, गणेश चंद्र दे, कमाल खान, गुलाम  हुसैन, इशहाक अंसारी, राजू नापित, उमेश चन्द्र सिंह, शमीम अंसारी समेत कई विस्थापित शामिल हैं।

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