यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) की ओर से चास-बोकारो के सभी बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने सैकड़ो की संख्या में उपस्थित होकर स्थानीय बैंक ऑफ़ इंडिया, बोकारो स्टील सिटी शाखा, सेक्टर 4 के सामने विशाल प्रदर्शन किया। यूएफबीयू में एआईबीए, एआईबीओसी, एनसीबीई, बीईएफआई, एआईबीओए, आईएनबीईएफ, आईएनबीओसी संगठन शामिल है, बैंकों में कार्यरत सभी कर्मचारी एवं स्केल-3 तक के अधिकारियों जिनकी संख्या बैंकों में लगभग 93% है, के साथ "प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन"(पीएलआई) के भुगतान में भेदभाव के विरोध में, 05 दिवसीय कार्य दिवस जल्द लागू करने एवं सभी लंबित मुद्दों का यथाशीघ्र समाधान करने हेतु प्रारंभ किए गए आंदोलन की कड़ी में आज संपूर्ण देश में किए जाने वाले प्रदर्शन के रूप में यहां भी किया जा रहा है। आज के इस प्रदर्शन में चास-बोकारो एवं आसपास के सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया, जिसमें महिला सदस्यों की भी बहुत अच्छी भागीदारी रही।
अधिकारियों के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार
इंडियन बैंक एसोसिएशन एवं यूनियन के बीच हुई वार्ताओं में परफॉर्मेंस लिंक इंसेंटिव पर स्पष्ट रूप से यह सुनिश्चित किया गया था कि यह पूर्णतया बैंकों के परफॉर्मेंस पर आधारित होगा एवं सभी कर्मचारियों एवं स्केल-7 तक के अधिकारियों को समान रूप से निर्धारित दिनों के आधार पर भुगतान होगा। किन्तु भारत सरकार के वित्तीय सेवा निदेशालय (डीएफएस) द्वारा अचानक इस समझौते का उल्लंघन करते हुए सभी कर्मचारी एवं स्केल-3 तक के अधिकारियों को मात्र 15 दिन का ही प्रोत्साहन राशि देने एवं उसके उपर स्केल-4 से उपर तक के अधिकारियों को 365 दिन का प्रोत्साहन राशि देने के लिए निर्देश जारी कर दिया गया। यूनियन के द्वारा आंदोलन की घोषणा के उपरांत केंद्रीय श्रमायुक्त ने सभी पक्षों को बुलाकर समझौता के लिए वार्ता प्रारंभ किया। अभी यह केंद्रीय श्रमायुक्त के पास मामला लंबित है, बावजूद इसके भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा निदेशालय द्वारा फिर से एकतरफा निर्देश जारी कर दिया गया तथा बैंकों में कार्यरत सभी कर्मचारियों एवं निचले पायदान पर कार्यरत अधिकारियों, जिनकी सम्मिलित संख्या बैंकों में लगभग 93% है के साथ सौतेला व्यवहार करते हुए उन्हें मात्र 15 दोनों का ही पीएलआई भुगतान करने एवं शेष वरिष्ठ अधिकारियों को 365 दोनों का पीएलआई भुगतान करने के लिए बैंकों को आधिकारिक आदेश निर्गत कर दिया गया।
भेदभावपूर्ण आदेश वापस लिया जाए
इस अवसर पर यूएफबीयू के जिला संयोजक सिद्धेश नारायण दास ने सभा को संबोधित करते हुए भारत सरकार को आगाह किया की शीघ्रता शीघ्र ऐसे भेदभाव निर्देश को अविलंब यदि वापस नहीं लिया गया एवं बैंकों में 05 दिवसीय कार्य दिवस लागू नहीं किया गया साथ ही अन्य सभी लंबित मामलों का समुचित समाधान नहीं किया गया तो यूएफबीयू द्वारा घोषित आंदोलनात्मक कार्यक्रमों जिसमें 11 सितंबर 2026 को संपूर्ण हड़ताल पुनः 28, 29, 30 सितंबर 2026 को तीन दिवसीय हड़ताल। बावजूद इसके यदि सरकार द्वारा सम्मानजनक कार्रवाई नहीं की जाती है तो 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। जिसकी सारी जिम्मेदारी आईबीए एवं भारत सरकार की होगी। प्रदर्शन को संबोधित करने वालों में प्रमुख रूप से साथी राघव कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह, मिथिलेश कुमार, राजेश ओझा, विभाष झा, पंकज कुमार, प्रदीप कुमार, राकेश मिश्रा, अवधेश प्रसाद, नीरज तिवारी, राजकुमार प्रसाद, अरुण कुमार, कृष्णा तिवारी, सोनू कुमार, उर्मिला कुमारी आदि उपस्थित थे.
